| जनातलं, मनातलं |
फसवणूक-प्रकरण दुसरे: प्रकल्प "लोणी कारखाना" |
सुधीर काळे |
| जनातलं, मनातलं |
फुत्कार |
संदीप-लेले |
| जनातलं, मनातलं |
फसवणूक-प्रकरण पहिले: एक रागाने भडकलेला तरुण |
सुधीर काळे |
| जनातलं, मनातलं |
मी बाई होते म्हणुनी - भाग १५ |
५० फक्त |
| जनातलं, मनातलं |
गालबोट |
भटकीभिंगरी |
| जनातलं, मनातलं |
स्मरणदिवा |
रायबा तानाजी मालुसरे |
| जनातलं, मनातलं |
पांडू पाटील |
ज्ञानदेव पोळ |
| जनातलं, मनातलं |
पांडू पाटील |
ज्ञानदेव पोळ |
| जनातलं, मनातलं |
ट्वीटव्याख्यान या उपक्रमातील सहभागाचा अनुभव |
वेल्लाभट |
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शतशब्दकथा स्पर्धा २०१७: स्पर्धकांची ओळख |
साहित्य संपादक |
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एक लेख एका आत्मप्रौढीचा! |
गंगाधर मुटे |
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मिस्टर डब्लो |
अॅस्ट्रोनाट विनय |
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गँगस्टर - 3 |
जव्हेरगंज |
| जनातलं, मनातलं |
किमान दिड वर्षं ---- कथा (काल्पनीक) |
सिरुसेरि |
| जनातलं, मनातलं |
हे बंध रेशमाचे...(मध्यरंग आणि पूर्वरंग) |
बोलघेवडा |
| जनातलं, मनातलं |
शेजाऱ्याचा डामाडुमा - नेपाळ-७ |
अनिंद्य |
| जनातलं, मनातलं |
विहार...भाग ४ (अंतिम) |
चिनार |
| जनातलं, मनातलं |
स्वरांजली |
मिडास |
| जनातलं, मनातलं |
त्यांना हे जमत कसं..? |
Pradeep Phule |
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शतशब्दकथा स्पर्धा २०१७ : निकाल |
साहित्य संपादक |
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गँगस्टर - 2 |
जव्हेरगंज |
| जनातलं, मनातलं |
माण णा माण, मी पायला सुलताण! |
तिमा |
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तहान |
परशु सोंडगे |
| जनातलं, मनातलं |
रावणमामा |
चंद्रकांत |
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गँगस्टर |
जव्हेरगंज |
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[खो कथा] पोस्ट क्र. ६ |
चॅट्सवूड |
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दांडी मारणे - एक विलक्षण कला |
किसन शिंदे |
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विहार…भाग ३ |
चिनार |
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विहार…भाग ३ |
चिनार |
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'किनी'-'मिनी' चमचा 'धरा' (लघुत्तम कथा) |
माहितगार |