कथा
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| निराशजनक पराभव..... | सुजित जाधव | 19 | |
| अवघाचि संसार - कल्याण आणि इतरत्र | राजेंद्र मेहेंदळे | 7 | |
| तिसरी घंटा | जे.पी.मॉर्गन | 7 | |
| फ्रॅक्टल्स | केदार भिडे | 17 | |
| वाईन | श्रीगणेशा | 11 | |
| रुक्मिणी-अनय संवाद | मिडास | 2 | |
| माझी पुस्तकं | डॉ. सुधीर राजाराम देवरे | 0 | |
| लैंगिक वाङ्मय : स्वानुभव आणि स्थित्यंतरे | हेमंतकुमार | 148 | |
| अवघाचि संसार- पुन्हा कल्याण | राजेंद्र मेहेंदळे | 10 | |
| लॉकडाऊननंतरचा पहिला प्रवास | पराग१२२६३ | 6 | |
| आप मुझे अच्छे लगने लगे. | पाटिल | 12 | |
| अलक (अति लघु कथा) | मालविका | 9 | |
| अवघाचि संसार - कल्याण | राजेंद्र मेहेंदळे | 9 | |
| वर्षा! | Bhakti | 8 | |
| हातभार लावावा ! | हेमंतकुमार | 23 | |
| कंटाळा | पाटिल | 3 | |
| सन्नाटा | भागो | 4 | |
| कंबोडियाविषयी दोन लेखांची नोंद | गामा पैलवान | 16 | |
| अवघाचि संसार- जांभुळपाडा | राजेंद्र मेहेंदळे | 16 | |
| भिंगना आवाज | डॉ. सुधीर राजाराम देवरे | 2 |