Skip to main content
Skip to main content
✍ मराठी साहित्य, संस्कृती आणि लेखनाचे व्यासपीठ
प्रवेश करा | सदस्य व्हा
मिसळपाव
मिसळपाव मराठी साहित्य

Main navigation

  • मुख्य पान
  • नवे लेखन
  • कथा
  • कविता
  • चर्चा
  • पाककृती
  • पर्यटन
  • ललितकला
  • नवे प्रतिसाद

आपण सारे शिर्डीला जावूया

प — पाषाणभेद, Tue, 12/07/2010 - 12:24

प्रतिक्रिया द्या
2205 वाचन

💬 प्रतिसाद (9)
स
स्पा Tue, 12/07/2010 - 12:27 नवीन
अतिशय सुंदर ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ अनंतकोटी ब्रह्मांड नायक, राजाधिराज योगीराज, परब्रम्ह सत्गुरू श्री साईनाथ महाराज की जय -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
  • Log in or register to post comments
च
चिंतामणी Tue, 12/07/2010 - 13:28 नवीन
दासगणु महारांच्या "शिर्डी माझे पंढरपुर" ची आठवण झाली.
  • Log in or register to post comments
अ
अमोल केळकर Tue, 12/07/2010 - 13:36 नवीन
सुंदर काव्य अमोल
  • Log in or register to post comments
अ
अवलिया Tue, 12/07/2010 - 14:14 नवीन
वा ! मस्त !!
  • Log in or register to post comments
अ
अविनाशकुलकर्णी Tue, 12/07/2010 - 14:51 नवीन
मस्त्
  • Log in or register to post comments
ग
गणेशा Wed, 12/08/2010 - 09:30 नवीन
आवडली कविता/गाणे
  • Log in or register to post comments
म
मदनबाण Wed, 12/08/2010 - 09:33 नवीन
छान... :) हल्ली रोज पायी पालखी घेउन शिर्डी ला जाणारे लोक पाहत आहे...
  • Log in or register to post comments
प
प्रकाश१११ Wed, 12/08/2010 - 12:17 नवीन
चांगली चाल लागेल. त्यासाठी खूप शुभेच्छा !1
  • Log in or register to post comments
ज
जागु Wed, 12/08/2010 - 12:23 नवीन
ओम श्री साईनाथाय नमः
  • Log in or register to post comments
मिसळपाव.कॉम बद्दल
  • 1आम्ही कोण?
  • 2Disclaimer
  • 3Privacy Policy
नवीन सदस्यांकरीता
  • 1सदस्य व्हा
  • 2नेहमीचे प्रश्न व उत्तरे
लेखकांसाठी
  • 1लेखकांसाठी मार्गदर्शन उपलब्ध
  • 2लेखन मार्गदर्शन
संपर्क
  • 1सर्व मराठीप्रेमींचे मनापासून स्वागत!
  • 2अभिप्राय द्या
  • 3संपर्क साधा
© 2026 Misalpav.com  ·  Disclaimer  ·  Privacy Policy मराठी साहित्य व संस्कृतीसाठी  ·  प्रवेश  |  सदस्य व्हा