दे दणादण
बंधन पद स्वीकृति त्वरे त्वरण
परित्याग कर्तव्यार्थ असे शोषण
प्लावन हे सहाधिकारी ते प्रवण
समयसारणी हे निकट हे स्तरण
पोतनिहाय नव्हे संवृत वर्गीकरण
आकाशग मग कुंडल तंतु भारण
पेशीभारण अभ्यंतर सयंत्र रोपण
बंधन हे मूक कुंडलित अनुकूलन
प्रतिपिंड ऋणाग्र भाव का अकरण
ग्राभित विदरण का विरुप निःशोण
रक्त विलयक नि प्रवाह प्रतिरुपण
संमीलनीत स्फुल्लिंग निग रोपण
विद्रधि युद्ध-संरूपणात हो संपादन
वेदन प्रतितलीत बिंदुचे साक्षांकन
कंकोळ असे कंप्रता नियंत्री धारण
अभिनति दे अर्धपद्धति दे दणादण
मदनबाण.....
आजची स्वाक्षरी :- Oi Amma Oi Amma... ;) - { Mawaali }