कोवळीक
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क
क्रान्ति
Fri, 06/05/2009 - 15:10
नवीन
सुरेख कविता.
क्रान्ति
ध्यानम् मूलम् गुरुमूर्ति, पूजामूलम् गुरु पदम्
मंत्र मूलम् गुरुवाक्यम्, मोक्षमूलम् गुरुकृपा
अग्निसखा
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