अगा देवराया | अम्हा खेव द्याया |
अगा देवराया | अम्हा खेव द्याया |
धरिसी या काया | पांघरोनी ||
कितिक विभूति | सर्वत्र जगती |
धरियेल्या वृत्ती | नानाविध ||
कुणा शालजोडी | कुणासी गोधडी |
कुणी ठिगळ जोड़ी | दारिद्रयाचे ||
कुणा मुखी साय | कुणी साही हाय |
कुणा पोटी पाय | क्षुधार्तेने ||
कुणा पुष्प शय्या | कुणा काटे पाया |
कुणा चालावया | पाय नाही ||
असुनी अनाथ | कुणा प्रेम छत्र |
कुणा हाल मात्र | स्वगृहीचे ||
नाना परी अश्या | होती जीव दशा |
सोसताती कैश्या | लेकरे ही ||
असती का सारी | रुपे नाना परी |
हरी लीला करी | मूढ़ आम्ही ||
तूचि घेसी सुख | सोशिसी तू दु:ख |
राव आणि रंक | तूचि होसी ||
ऐश्या नाना कळा | दावितो सकळा |
स्वस्थ ह
मिसळपाव
