| जे न देखे रवी... |
जसे छाटले मी मला येत गेले,धुमारे पुन्हा! |
सत्यजित... |
| जे न देखे रवी... |
माझे जगणे होते गाणे ( विडंबन ) |
गोगट्यांचा समीर |
| जे न देखे रवी... |
(हे कोहल्यांच्या विराटा) |
दमामि |
| जे न देखे रवी... |
डू-आयडीज् खूप दिसतात इथे, परतुनी येती "नाना"विध रूपे |
चामुंडराय |
| जे न देखे रवी... |
हे चैतन्याच्या विराटा |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
चारोळी |
Swapnaa |
| जे न देखे रवी... |
सैल नसू दे मिठी जराही! |
सत्यजित... |
| जे न देखे रवी... |
सैल असावी मिठी जराशी... |
प्राची अश्विनी |
| जे न देखे रवी... |
चल उठ रे बेवड्या झाली सांज झाली... बाहेर दारू गुत्त्यांना हलकेच जाग आली |
चामुंडराय |
| जे न देखे रवी... |
या देशात नेमक चाललयं काय? |
परशुराम सोंडगे |
| जे न देखे रवी... |
प्रजासत्ताक ... |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
प्रजासत्ताक ... |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
प्रजासत्ताक ... |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
प्रजासत्ताक ... |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
प्रजासत्ताक ... |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
तू |
चुकार |
| जे न देखे रवी... |
(खमकेच टगे बसतात इथे) |
दमामि |
| जे न देखे रवी... |
नवखेच सखे फसतात इथे |
विशाल कुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
मनाचं प्लॉटिंग |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
(जरही) या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| जे न देखे रवी... |
शब्दविता |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
(तरही) या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला! |
सत्यजित... |
| जे न देखे रवी... |
या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला.. वेगळे सुचलेले-- |
राघव |
| जे न देखे रवी... |
(भिती तुझ्याउरी पण) |
नाखु |
| जे न देखे रवी... |
तरही गज़ल : या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला |
विशाल कुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
प्रश्न साधासाच होता... |
प्राची अश्विनी |
| जे न देखे रवी... |
अभिजात(चारोळी) |
पराग देशमुख |
| जे न देखे रवी... |
तो,ती आणि अबोल प्रेम |
mr.pandit |
| जे न देखे रवी... |
प्रीती तुझ्यावरी पण... |
अत्रुप्त आत्मा |
| जे न देखे रवी... |
तुझ्या नाजूक ओठांनी... |
सत्यजित... |