कथा
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| शशक - भूल भुलैय्या २ | तर्कवादी | 5 | |
| राष्ट्रपती भवन, अम्मा जी आणि सर जी | अनिंद्य | 35 | |
| करोंना : माझी गल्ली , गाव, आयएमए , पतंजलि इत्यादि | विवेकपटाईत | 10 | |
| बहारो फूल बरसाओ.... | विजुभाऊ | 14 | |
| वीस वर्षांनंतर (भाषांतर) | स्मिताके | 15 | |
| ज्वाईनिंग लेटर.... | कर्नलतपस्वी | 12 | |
| विनिपेग डायरीज-३ | राजेंद्र मेहेंदळे | 9 | |
| पहिला पाऊस | VRINDA MOGHE | 7 | |
| हे पाहा: माय ऑक्टोपस टीचर | अनुस्वार | 2 | |
| का ? का? का? | आजी | 26 | |
| ... अन् पुन्हा पसरो मनावर शुद्धतेचे चांदणे! | मार्गी | 10 | |
| पुनर्जन्म | पाटिल | 10 | |
| असे देश, अशी नावे ! | हेमंतकुमार | 88 | |
| सिल्क | वझेबुवा | 12 | |
| ‘पंजाब मेल’ | पराग१२२६३ | 29 | |
| आम्ही स्टँडच्या पोरी | विजुभाऊ | 6 | |
| एक किस्सा | नचिकेत जवखेडकर | 27 | |
| शशक का चषक | कर्नलतपस्वी | 11 | |
| व्यक्ति, प्रकृती आणि प्रवृत्ती – २ | सस्नेह | 12 | |
| श्रीदासबोध : दुश्चितपणा आणि राजाची सुरक्षा. | विवेकपटाईत | 17 |