कथा
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| वाळणताई डे | त्रास | 6 | |
| साम्राज्य बुरख्यामागचे - द व्हेल्ड किंग्डम : मूळ लेखिका -- कारमेन बिन लादेन | मैत्र | 11 | |
| शिरोड्याचं हवामान. | श्रीकृष्ण सामंत | 16 | |
| माझं खोबार... भाग ७ | बिपिन कार्यकर्ते | 56 | |
| माय व्हॅलंटाईन | दशानन | 36 | |
| पाकिस्तानचा "बुरखा' फाटला | अन्वय | 18 | |
| बेंबट्या आणि बेंबटी | विनायक प्रभू | 5 | |
| गुलाबी अंडरविअर.. | महेंद्र | 5 | |
| ठेवणीतले आवाज .. | प्राजु | 36 | |
| "कुठे काय" विषयी थोडेसे... | वाचक | 22 | |
| मनाच्या कुपितले-सिंदबाद कोल्हापुरात | विनायक पाचलग | 21 | |
| रोमिओगिरी.. | शितल | 63 | |
| दुवा | आनंदयात्री | 40 | |
| Naresh ला कसे आवरायचे? | नितिन थत्ते | 2 | |
| असंच एक स्वप्न. | श्रीकृष्ण सामंत | 6 | |
| आणि श्रृती धन्य जाहल्या... | अन्वय | 2 | |
| खलील जिब्रान हे आपल्या विषयी तर नाही ना म्हणाला? | मोगॅम्बो | 5 | |
| पिंजारी - ५ | श्रावण मोडक | 8 | |
| पिंजारी - ४ | श्रावण मोडक | 1 | |
| उलटे काळिज... | अविनाशकुलकर्णी | 14 |