शादी से पहले और शादी के बाद !
शादी से पहले हाथों में हाथ
लबों पर भी खूब मिठास
घंटोंतक चलें फोन पे बात
हर शाम उन्हें मिलने के बाद
अंबर का हो रंग नीला
या फिर हो घनघोर वर्षा
इक छोटा, कप कॉफी का
साथ देता दिवानों का…
शादी होते सबकुछ बदला
उनका न सिर्फ नाम बदला
घर आते हैं साँझ ढले हम
लिए हाथ सब्जी का थैला…
बातें अब भी होती हैं
घटोंतक वे चलती हैं
घरखर्चा और बच्चोंकी फीस
क्या जेब में अब कुछ बाकी है?
ऐसा नहीं के प्यार हुआ कम
फुरसद अब कहनेकी नहीं
बात अगर हो नजरोंसे तो
जरूरत अब लबोंकी नहीं..
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मिसळपाव