दिल्ली विधानसभा निवडणुक-२०१५: निकाल
नमस्कार मंडळी,
या धाग्यावर दिल्ली विधानसभा निवडणुकांचे निकाल आणि त्या अनुषंगाने इतर मुद्दे अशा स्वरूपाची चर्चा होईल.सकाळी आठ वाजता मतमोजणी सुरू झाल्यानंतर सव्वा आठच्या सुमारास पहिले कल हाती यायला लागतील.जसे कल येतील त्याप्रमाणे ते या धाग्यावरील प्रतिसादात लिहेन.
तेव्हा सुरवात करू उद्या सकाळी.
धन्यवाद
क्लिंटन
फेसबुकवर माझ्या मित्र यादीमध्ये अनेक अमराठी मित्र आहेत. सगळ्यांना समजावे म्हणून मी हा पोस्ट हिंदी भाषेतून लिहिला होता. तोच इकडे कॉपी-पेस्ट करतोय, त्याबद्दल माफ करा. नियमबाह्य असेल तर नियंत्रकांनी खुशाल उडवून टाकावे.
================================================================ सुपडा साफ । ऎतिहासिक विजय । एक ‘भक्त’ दोस्त ने इस जित का एक लाईनमें ही विश्लेषण कर दिया । उसने कहा ये असत्य पर सत्य की विजय है । आज मुझे जो खुशी हो रही है, वो बयान करने के लिए मेरे पास वाकई में शब्द नहीं है । पर जो विचार मन में है, कम से कम उन्हे तो मै बयान कर ही सकता हूं । मेरे कुछ दोस्त केहते थे की केजरीवाल भगौडा है, नक्सली है, खांसता है, अराजकतावादी है, आतंकवादी है, देशद्रोही है, CIA एजंट है, भ्रष्टाचारी है, नौटंकीबाज है, पता नहीं और क्या क्या है, पर है जरूर । दिल्ली की जनता ने आज उनको बता दिया की ये बचकाने आरोप कितने खोखले थे । ३०० एम.पी. + आधा दर्जन कॅबिनेट मिनिस्टर्स + तीन मुख्यमंत्री + खुद प्रधानमंत्री + पेड मिडिया + रिसोर्सेस + पैसा + संगठन के हजारो कार्यकर्ता + किरण बेदी + बाबा राम रहिम इन सब लोगों को दिल्ली की जनता ने बता दिया की हमे काम करनेवाली सरकार चाहीये, आप लोगों की नकारात्मक सोच और भाषण नहीं । इतना जबरदस्त बहुमत मिला है, पर फिर भी कुछ लोग दिल्ली की जनता को कोस रहे है के उन्होंने आम आदमी पार्टी को चुनकर बहोत बडी गलती की है, अब पुरे देश को खामियाजा भुगतना पडेगा वगैरा वगैरा... भाईयों, अब तो आंखे खोल दो । ४९ दिन की सरकार के काम देखकर उन्हें वोट करनेवाली जनता पागल और आप फेसबुकी पंडित सच ऎसा तो नही हो सकता ना ? लोकसभा मे आप लोगों जैसे ही ये दिल्ली की जनता भी मार्केटिंग के जाल में उलझकर पछता रही थी । पिछले ९ महिनों मे भाजपाने इतने अच्छे काम किये दिल्ली और पुरे भारत में की दिल्ली की जनता ने उन्हें वोट ही नही दिया । लाखों दिलों की धडकन, और उतने ही लोगों के आदर्श महामहिम बिन्नी जी लगभग १८ हजार वोटों से पिछे चल रहे है । जिस त्रिलोकपुरी मे दंगे कराने की कोशिश की गई थी, उस जगह भाजपा के प्रत्याशी ३० हजार वोटों से पिछे चल रहे है । किरण बेदी जी सिर्फ १ हजार वोटों से आगे चल रही है । खुद डिबेट को बुलाकर बाद मे विधानसभा में डिबेट करेंगे ऎसा कहा था इन्होंने । अगर किरण जी जित गई तो कम से कम वहां तो डिबेट करेंगी वो । खैर, आपको चिढाना मेरा मकसद नहीं है । बस इतनी सी प्रार्थना है की आंखे खोलकर देखो अपने आसपास । कट्टरतावाद समस्यायें सुलझाता नहीं बल्की बढाता है । ये बात दिल्ली के तो समझ में आ गई । आप भी जल्दी समझ जाओ तो आपके लिए ही अच्छा है । इस हार से सबक लेकर अगर भाजपा-कॉंग्रेस (और अन्य तमाम पार्टीयां) जनता के काम करना शुरू कर दे तो इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है ? आम आदमी पार्टी की जरूरत ही नही रहेगी फिर तो. आम आदमी पार्टी के इस ऎतिहासिक विजय के तीन प्रमुख कारण जो मुझे लगते है, वो है : १) आम आदमी पार्टी की नियत २) ग्राऊंड लेवल पर काम करने वाले कार्यकर्ता ३) दिल्ली की जनता दिल्ली की जनता का जितना शुक्रीया अदा किया जाये उतना कम है । देश की राजनिती को बदलकर रख देनेवाली पार्टी को जिताकर उन्होंने पुरे भारत के सामने एक आदर्श रखा है । और एक महत्त्वपूर्ण बात... पिछले एक-दो साल में कई जगह पर डिस्कशन, डिबेट किया । वैसे मैने कभी किसी पर पर्सनल अटॅक किया नही, जबान कभी फिसलने नहीं दी । पर फिर भी कोई अगर मुझसे नाराज है तो उससे माफी मांगना चाहता हूं । आशा करता हूं की आप मुझे माफ कर देंगे । सोचा था ४-५ लाईन लिखकर खतम कर दूं, पर थोडा ज्यादा लंबा खिंच गया. जाते जाते आपको भविष्य मे न्युज चॅनल और कुछ फेसबुक वॉलपर आनेवाली खबरें बता देता हूं । - मुख्यमंत्री बनने के २ घंटे बाद भी जनलोकपाल बिल पास नही हुआ । - ४ घंटे हो गये, अभी भी दिल्ली की जनता फ्री WiFi के लिये तरस रही है । - सरकार के ६ घंटे पुरे हो चुके है फिर भी १० लाख CCTV नही लगाये है । - केजरीवालने आज २ की बजाय ३ रोटीयां खाई हैं । तिसरी रोटी के लिये क्या दुबई से फंड आया है ? - १० घंटों के बाद भी भ्रष्टाचार पुरी तरह से रूका नही है और इसलिये दिल्ली की जनता हा हाल बेहाल है । - केजरीवालने गिता की कसम खाते वक्त उसपर बांया हाथ रखा, हिंदू धर्म का अपमान । - पुरे २४ घंटे हो चुके है फिर भी केजरीवालने पेट्रोल के दाम नही घटाये है । - अब तक का सबसे बडा स्टींग ऑपरेशन, केजरीवाल के मंत्री हॉटेल में चाय पिते पकडे गये । अब इजाजत दिजिये, कुछ दोस्तों को पार्टी देने जाना है । ;)