| विषय | प्रतिसादक | लेख | दिनांक Sort ascending |
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| इंडिगो मुळे निर्माण झालेला | विजुभाऊ | [nid] | |
| प्राणी रस्त्यावर संभोग करतात म्हणुन माणसानेही करावा काय? | युयुत्सु | [nid] | |
| अरे वा!! मस्त सोलो | राजेंद्र मेहेंदळे | [nid] | |
| वाचा फोडणारे विषय... | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | [nid] | |
| माकडे/प्राणी नागडे फिरतात म्हणुन माणसाने तसे रहावे काय? | राजेंद्र मेहेंदळे | [nid] | |
| गोईंग डाऊन | राजेंद्र मेहेंदळे | [nid] | |
| श्री० गवि | युयुत्सु | [nid] | |
| अतिशय अचूक, मार्मिक, योग्य | गवि | [nid] | |
| बिरूटे सर | युयुत्सु | [nid] | |
| पोच.. | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | [nid] | |
| असंच म्हणतो... | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | [nid] | |
| पत्रकार आणि पुतीन | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | [nid] | |
| खूप आनंद झाला. | हणमंतअण्णा शंक… | [nid] | |
| छानच! | तुर्रमखान | [nid] | |
| या कवितेचा संदर्भ ही एक | बिपीन सुरेश सांगळे | [nid] | |
| भोत ही हार्ड | कपिलमुनी | [nid] | |
| Rofl | युयुत्सु | [nid] | |
| ?? | चंद्रसूर्यकुमार | [nid] | |
| पूर्वी मध्यमवर्गीय एखाद्या | विवेकपटाईत | [nid] | |
| अमेझॉन्वर दोन प्रती शिल्लक | युयुत्सु | [nid] | |
| लढणार्या लोकांचं मला खुप | युयुत्सु | [nid] | |
| Ha ha ha.. | युयुत्सु | [nid] | |
| फलाटावर आलो. तिथे काही भिकारी | कानडाऊ योगेशु | [nid] | |
| कंकाका, "गोईंग डाऊन" या | गवि | [nid] | |
| धन्यवाद वाचकहो ! | गवि | [nid] |