| विषय | प्रतिसादक | लेख | दिनांक Sort ascending |
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| अतिशय कौतुकास्पद. | कॉमी | [nid] | |
| बहुतेक वाममार्गी ( डावे | सुबोध खरे | [nid] | |
| दुरुस्ती | युयुत्सु | [nid] | |
| मुळात आपण माझ्यासाठी नगण्य | युयुत्सु | [nid] | |
| तुमच्या आयुष्यात परत परत | सुबोध खरे | [nid] | |
| भन्नाट लेखन आहे, अगदी चित्र | चौथा कोनाडा | [nid] | |
| कथा आवडली... शैली सॉलिड आहे. | चौथा कोनाडा | [nid] | |
| एकदम क्लास!अशी जहाज भटकंती | Bhakti | [nid] | |
| विचार करायला लावणारी | चौथा कोनाडा | [nid] | |
| अतिशय समर्पक मनोगत ..... | चौथा कोनाडा | [nid] | |
| ते चिडलेले रागावलेले आणि | युयुत्सु | [nid] | |
| थरारक सहल | सुखी | [nid] | |
| आवडले | सुखी | [nid] | |
| "आता मी आपल्यालाच प्रश्न | सुबोध खरे | [nid] | |
| समजा (केवळ युक्तीवादाकरता) हे | युयुत्सु | [nid] | |
| हा हा हा! | युयुत्सु | [nid] | |
| त्या पेक्षा तुम्ही अत्यंत | युयुत्सु | [nid] | |
| इंद्राचे वृषण गळून पडले. | कॉमी | [nid] | |
| त्यांचा मुद्दा इंद्राला | युयुत्सु | [nid] | |
| यत्र यत्र धूमः तत्र तत्र | युयुत्सु | [nid] | |
| हे डॉक्टर मानसिक संतुलन | सुबोध खरे | [nid] | |
| PK तेरी मोरनी को मोर ले गये... | टर्मीनेटर | [nid] | |
| दुरुस्ती | युयुत्सु | [nid] | |
| मानसिक स्वास्थ्य हे माझ्या मते संयमापेक्षा बरंच अधिक काहीतरी आहे | युयुत्सु | [nid] | |
| समजा बिहार सरकारने महिलांना | रात्रीचे चांदणे | [nid] |