| विषय | प्रतिसादक | लेख | दिनांक Sort ascending |
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| रिंग्ज ऑफ पॉवर | कॉमी | [nid] | |
| केव्हाही बघा हॉटेलात आलेली माणसं < १० | अनन्त्_यात्री | [nid] | |
| वाचून वाईट वाटले | चंद्रसूर्यकुमार | [nid] | |
| काही जणांमध्ये अगतिकता | युयुत्सु | [nid] | |
| वाचून वाईट वाटले. | कॉमी | [nid] | |
| खुपच उपयुक्त ! | चौथा कोनाडा | [nid] | |
| उत्तर? | स्वधर्म | [nid] | |
| रैट अभ्या... | कंजूस | [nid] | |
| ह्यांतून दिवाळी अंका हा | सोत्रि | [nid] | |
| काहीबाही भुलथापांवर विश्वास | कंजूस | [nid] | |
| मेंदूतील कोशिका क्षतिग्रस्त | विवेकपटाईत | [nid] | |
| मास्तर, तुणतुणे सोडा | अभ्या.. | [nid] | |
| तुम्ही कितीही हुशार असा | अमरेंद्र बाहुबली | [nid] | |
| पार्थ पवारांना एवढा | कंजूस | [nid] | |
| आता भोंदू जमीन व्यवहाराचे | कंजूस | [nid] | |
| ती सावलीच ठरली वरचढ उन्हावरी | निनाद | [nid] | |
| हॉटेलात आलेली माणसं -- याच्या | सुबोध खरे | [nid] | |
| समजू द्या कि | सुबोध खरे | [nid] | |
| YOU ARE CONSIDERING SYMPTOMS | सुबोध खरे | [nid] | |
| बाडिस! | नावातकायआहे | [nid] | |
| 11 hajaar 131 | अमरेंद्र बाहुबली | [nid] | |
| 110000 हून जास्त वाचकांनी हा | विवेकपटाईत | [nid] | |
| बहुतेक अनेकांना शिक्षित आणि | विवेकपटाईत | [nid] | |
| दिल्लीत कोणीही केजरीवालची | विवेकपटाईत | [nid] | |
| धन्यवाद. | किल्लेदार | [nid] |