| विषय | प्रतिसादक | लेख | दिनांक Sort ascending |
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| शीण माझा | प्रकाश घाटपांडे | [nid] | |
| कारण | प्रकाश घाटपांडे | [nid] | |
| छान कविता ! | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | [nid] | |
| आभार. | अशोक गोडबोले | [nid] | |
| टीकाकार साहेब, | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | ||
| वा | आजानुकर्ण | [nid] | |
| नाच नाचूनी | आजानुकर्ण | [nid] | |
| विस्त्रुत | टीकाकार-१ | [nid] | |
| आणि | आजानुकर्ण | [nid] | |
| मिसळ्श्री | अप्पासाहेब | [nid] | |
| अरे वा | सहज | ||
| नको मीच | टीकाकार-१ | ||
| सहमत | टीकाकार-१ | [nid] | |
| मिसळ प्रेमी | झकासराव | [nid] | |
| सहमत !!! | टीकाकार-१ | [nid] | |
| कोल्हापुरात | झकासराव | [nid] | |
| झेपावतो | टीकाकार-१ | [nid] | |
| :) | विसोबा खेचर | [nid] | |
| पन्ढर्पूर | टीकाकार-१ | [nid] | |
| चांगले काव्य. | विसुनाना | [nid] | |
| कोल्हापूर | तर्री | [nid] | |
| ओर्कुत | टीकाकार-१ | [nid] | |
| अरेरे | सहज | ||
| बरोबर आहे. | टीकाकार-१ | [nid] | |
| होय. | प्रमोद देव | [nid] |