| विषय | प्रतिसादक | लेख | दिनांक Sort ascending |
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| गफलत | स्वधर्म | [nid] | |
| एका मित्राच्या सॅमसंग फोनवर | कॉमी | [nid] | |
| फारच रोचक. वेगळेच आयुष्य | गवि | [nid] | |
| मला नाही वाटत तसे... का ते | टर्मीनेटर | [nid] | |
| माझ्याकडे तीन होत्या./आहेत | कंजूस | [nid] | |
| स्पष्टवक्तेपणाचे तोटे. | कंजूस | [nid] | |
| ह्म्म!! | राजेंद्र मेहेंदळे | [nid] | |
| साधारण ५वी ते पुढे १२वी या | युयुत्सु | [nid] | |
| मला रोज नबीन नवीन पवनचक्कीत | युयुत्सु | [nid] | |
| छान. | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | [nid] | |
| तुम्ही दोघेही जीवश्चकंठश्च | प्रचेतस | [nid] | |
| सकाळपासून दोन वडापाववर पोरगा | टर्मीनेटर | [nid] | |
| आता संत तुकाराम वगैरे चित्रपट | टर्मीनेटर | [nid] | |
| परखड प्रतिसाद आवडला. आपला | गवि | [nid] | |
| खरं आहे. | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | [nid] | |
| जुने किल्ले, अंधार, वादळी | टर्मीनेटर | [nid] | |
| मी पवनचक्की कंपनीत कामाला | अमरेंद्र बाहुबली | [nid] | |
| सहमत आहे. एकंदरीत चित्रपटाचा | टर्मीनेटर | [nid] | |
| छान माहिती खटपट्या जी! आणखी | अमरेंद्र बाहुबली | [nid] | |
| हा हा.. | Bhakti | [nid] | |
| कोणी गोविंद घ्या , कोणी गोपाळ | Bhakti | [nid] | |
| लेख आवडला! | टर्मीनेटर | [nid] | |
| लिहिलेले अनुभव वाचायला मजा | कंजूस | [nid] | |
| गॉट्च्या | खटपट्या | [nid] | |
| अवांतर : टेलिस्कोप ला मराठी प्रतिशब्द | गामा पैलवान | [nid] |