| विषय | प्रतिसादक | लेख | दिनांक Sort ascending |
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| बेलखेड च्या प्रशांत तायडे ने | प्रशांत | ||
| चित्र छान आहे. | कंजूस | [nid] | |
| तपशीलवार... | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | [nid] | |
| बरीच माहिती गोळा केली आहे. | कंजूस | [nid] | |
| "बौद्ध मूर्तीशास्त्र" | Bhakti | [nid] | |
| लॅंडिगचे दोन तीन प्रयत्न | कंजूस | [nid] | |
| >> वैमानिकाचा आत्मविश्वास | हणमंतअण्णा शंक… | [nid] | |
| वैमानिकाचा आत्मविश्वास नडला | कंजूस | [nid] | |
| गवि यांनी सांगितलेला दुसरा | मनो | [nid] | |
| आतापर्यंत जाहीर झालेला किंवा | गवि | [nid] | |
| श्री० हणमंतण्णा | युयुत्सु | [nid] | |
| ए आय ए ची भाषा आणि भाषेचा ए आय | हणमंतअण्णा शंक… | [nid] | |
| जेमिनीने तर कमालच केली - | युयुत्सु | [nid] | |
| जबरा | अस्वस्थामा | [nid] | |
| माझ्या वरील मुद्द्यांना ए०आय० | युयुत्सु | [nid] | |
| त्याला मानव समजून काही करणे मात्र अवघड आहे. | युयुत्सु | [nid] | |
| बुध्दिभ्रम | स्वधर्म | [nid] | |
| २ नंबर सर्वात महत्वाचा | गवि | [nid] | |
| मूळ प्रश्न | स्वधर्म | [nid] | |
| हे युयुत्सु यांच्या | सुबोध खरे | [nid] | |
| स्कोअर सेटलिंग आहे एवढं बोलून | सुबोध खरे | [nid] | |
| मला मात्र शेवट आवडला! शेवटी | अमरेंद्र बाहुबली | [nid] | |
| कदाचित ते त्यांच्या रोजी | युयुत्सु | [nid] | |
| दोन्ही बाजूंनी उत्तम मुद्दे | गवि | [nid] | |
| त्याला संधी द्या | हणमंतअण्णा शंक… | [nid] |