| विषय | प्रतिसादक | लेख | दिनांक Sort ascending |
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| स्पॉटिंग स्कोपचा उपयोग प्राणी | कंजूस | [nid] | |
| लेख आणि प्रतिसादांतून चांगली | कंजूस | [nid] | |
| विमान अपघाताची मिमांसा | कांदा लिंबू | [nid] | |
| विमानांसाठी एकच इंधन न वापरता | कंजूस | [nid] | |
| आणखी एक | युयुत्सु | [nid] | |
| त्यामुळे सौंदर्याची उपलब्धता | युयुत्सु | [nid] | |
| कन्टेन्ट कटेन्ट चोहीकडे | हणमंतअण्णा शंक… | [nid] | |
| आताही बहुसंख्य लोक शरिराचा | टर्मीनेटर | [nid] | |
| पण साध्यच सपाट झाले की एक | युयुत्सु | [nid] | |
| यूज इट ऑर लूज इट | स्वधर्म | [nid] | |
| फार थोड्या लोकांना नेमका रूट | टर्मीनेटर | [nid] | |
| तुम्ही जी उदाहरणे घेत आहात ती | गवि | [nid] | |
| जिलेब्या | कपिलमुनी | [nid] | |
| फार थोड्या लोकांना नेमका रूट | युयुत्सु | [nid] | |
| दुर्मिळता नाहीशी होऊन एखादी | गवि | [nid] | |
| दुसरा मुद्दा थोडा तिखट आहे - | युयुत्सु | [nid] | |
| अगदी चपखल निरीक्षण आहे! | टर्मीनेटर | [nid] | |
| तू जे वाचत आहेस ते त्या | युयुत्सु | [nid] | |
| कुणी केला असेल बरं? | हणमंतअण्णा शंक… | [nid] | |
| शैली आणि वैधता | हणमंतअण्णा शंक… | [nid] | |
| युयुत्सु | हणमंतअण्णा शंक… | [nid] | |
| प्रत्येक दुर्घटना ही सुरुवातीला घातपात म्हणूनंच धरायची असते. | धर्मराजमुटके | [nid] | |
| माझा स्वत:चा स्वतंत्र अल्गो | युयुत्सु | [nid] | |
| तसाच तो धरायचा असतो .... | गामा पैलवान | [nid] | |
| माझा स्वत:चा स्वतंत्र अल्गो | युयुत्सु | [nid] |