कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| फिनिक्स | पेशवा | 3 | |
| <बद्ध लेखक> | लंबूटांग | 16 | |
| (गर्विष्ठ निराकाराच्या शष्पतत्वज्ञानाचे कवित्व) | मूकवाचक | 28 | |
| कातरवेळ.. | मस्त कलंदर | 10 | |
| दु:खाचे निखारे | गणेशा | 10 | |
| " आई " | कुलमयु | 3 | |
| तेंव्हा आणि आता..... | डॉ अशोक कुलकर्णी | 6 | |
| अवचित | अज्ञातकुल | 0 | |
| संदेहमुक्ती | मूकवाचक | 20 | |
| सबूर | धनंजय | 7 | |
| रेशमी | अज्ञातकुल | 3 | |
| श्रावणाच्या चिंब धारा | सांजसंध्या | 5 | |
| लबाड कान्हा .. खट्याळ कान्हा ... | विदेश | 0 | |
| " मैत्री - " | विदेश | 0 | |
| धाव रे धाव देवा आता | निश | 11 | |
| रद्दीवाला - | विदेश | 6 | |
| (जिलब्या खायकू) | sagarpdy | 12 | |
| <पिवून हय क्यु?> | विजुभाऊ | 18 | |
| चंद्र-कळा | पेशवा | 12 | |
| रक्षाबंधन.. रक्षाबंधन .. | विदेश | 0 |