कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| नवजन्म | jaypal | 9 | |
| स्वामी तुम्ही तारा | झंम्प्या | 2 | |
| माणुसकी.... | अमितसांगली | 10 | |
| घनघन | अज्ञातकुल | 4 | |
| कायच्या काय | ज्ञानोबाचे पैजार | 17 | |
| लघु वाल्गुदभारत- भाग २. | बॅटमॅन | 13 | |
| साय | लीलाधर | 151 | |
| देवळाबाहेरचा गाभारा | झंम्प्या | 17 | |
| हिरवं झालं रानं | पाषाणभेद | 7 | |
| लघु वल्गुदभारत-भाग १. | बॅटमॅन | 24 | |
| कविता वाचण्याआधी एक क्षणभर मौन : एमनुएल ओर्तीज | Kavita Mahajan | 28 | |
| शब्दांचा स्पर्श !! | जेनी... | 10 | |
| दर्पणाने सांगावे | सांजसंध्या | 14 | |
| ट्रफिकची भेळ | अत्रुप्त आत्मा | 35 | |
| माझेच मी.... | डॉ अशोक कुलकर्णी | 13 | |
| आर्त | अज्ञातकुल | 1 | |
| व्हतास सारथी म्हणोनी | ज्ञानराम | 6 | |
| कस्सा राव थांबू... | अत्रुप्त आत्मा | 130 | |
| (काय राव सांगू) | सूड | 20 | |
| वळवथेंब | अज्ञातकुल | 19 |