कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| पंख | ज्ञानराम | 15 | |
| धागा का गोठविता ... ??? (वि.अ.टु.प्र.) | मोदक | 72 | |
| राजे संभाजी | अनिल तापकीर | 39 | |
| नेहेमीच असं होतं, असं नाहि ! | जेनी... | 27 | |
| आई, अशी कशी ही दिवाळी ! | विदेश | 11 | |
| पाऊस क्षण- प्रणय क्षण! | निमिष सोनार | 7 | |
| तू म्हणजे,, | मुरलीधर परुळेकर | 5 | |
| बाळासाहेबांना भावपूर्ण आदरांजली... :-( | केदारविदिवेकर | 3 | |
| भांडे का लपविता ... ??? | अत्रुप्त आत्मा | 128 | |
| नाटकांवरुन कविता | रसायन | 35 | |
| परधीन | अज्ञातकुल | 3 | |
| *......................एक नाजुक परी..............* | प्रेमवेडा | 2 | |
| गार - व्हा | वनक्या | 7 | |
| मा़झ्या चारोळ्या | अविनाश लोंढे. | 104 | |
| नाविन्याची साद | जयवी | 12 | |
| "ह्या बेहोशितचं जगणं असतं" | रसायन | 7 | |
| स्वातंत्र्याची सकाळ | माम्लेदारचा पन्खा | 4 | |
| नवयुगाची नार | बरखा | 5 | |
| हायकू - | विदेश | 4 | |
| वर्तुळ | ह भ प | 11 |