कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| माझ्या घरचा नवीन गुंड | आर्णव | 15 | |
| घडवून आण मग बोल… | आर्णव | 6 | |
| तेजाळलेल्या रात्रीचे क्षण | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 9 | |
| एकटेपणा..... | रणजीत देशमुख | 2 | |
| .............नियती......... | प्रेमवेडा | 1 | |
| विखुरलेला चंद्र - अंतिम | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 11 | |
| तुझा कुणी केला घात… | आर्णव | 4 | |
| विखुरलेला चंद्र - ३ | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 6 | |
| झाली माझी गोष्ट | वामन देशमुख | 24 | |
| पिसे | अज्ञातकुल | 5 | |
| नरवीर तानाजी मालुसरे "वीरगाथा" | अनिल तापकीर | 36 | |
| एक रानगोष्ट | अरुण मनोहर | 4 | |
| देह आत्म्याचे मंदीर | अरुण मनोहर | 11 | |
| दीप | समयांत | 16 | |
| कविता | सु.द.मोरे | 5 | |
| मुद्राराक्षस किंवा एका अंगुलीयकाने. | बॅटमॅन | 39 | |
| आजूनहि मी | श्रीमत | 2 | |
| जगत रहायच,जगत रहायच | कौस्तुभ आपटे | 4 | |
| कविता | सु.द.मोरे | 5 | |
| मुसळधार पाऊस आणि मि एक एकटा | श्रीमत | 17 |