कथा
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| सुन्न करणारं "कोल्ह्याट्याचं पोर" | आनंदयात्री | 30 | |
| आप्पा आणि बाप्पा | मूखदूर्बळ | 7 | |
| सदू आणि दादू | मूखदूर्बळ | 5 | |
| गदर संस्थापकाची १२४ वी जयंती | सर्वसाक्षी | 12 | |
| "हलो"ह्या शब्दातली क्षमता. | श्रीकृष्ण सामंत | 2 | |
| काटेकोरांटीची फुलं. | रामदास | 225 | |
| तेरा घर -मेरा घर .. भाग दुसरा. | हेमंत बर्वे | 8 | |
| प्रिय पंडितराज | व्यंकु | 16 | |
| एका प्रेतयात्रेचा सोहळा आणि आमच्या वारशाची जपणूक | सुनील | 24 | |
| बेंगलोरमध्ये राहूल देशपांडेंचा नाट्यसंगीत्,भावगीतांचा कार्यक्रम | शिंगाड्या | 8 | |
| तुफान विनोदि विचित्रपट देशद्रोही | परिकथेतील राजकुमार | 103 | |
| संगीत मार्तंड पंडित ओंकारनाथ ठाकुर... भाग -२ | वाटाड्या... | 15 | |
| संगीत मार्तंड पंडित ओंकारनाथ ठाकुर... भाग -१ | वाटाड्या... | 2 | |
| सेवाभावी (भाग १) | भास्कर केन्डे | 0 | |
| दुःखाची देवाण -घेवाण. | श्रीकृष्ण सामंत | 0 | |
| हॅलो, केन आइ स्पीक टू ओबामाजी? | कपिल काळे | 10 | |
| वारी, गिरगावातील समर्थ भोजनालयाची! | संताजी धनाजी | 34 | |
| आमची मुंबई | सातारकर | 3 | |
| आम्ही पेट्स ठेवतो ! | चाफा | 25 | |
| भूमीका | मूखदूर्बळ | 9 |