कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| अशक्य केवळ -२ | केशवसुमार | 15 | |
| निरोप | विशाल कुलकर्णी | 8 | |
| बाळू (भाग २) | जागु | 4 | |
| अशक्य केवळ | जयवी | 19 | |
| (तु नसताना.... !) | परिकथेतील राजकुमार | 27 | |
| आता नाही | विशाल कुलकर्णी | 2 | |
| शाळा | जागु | 5 | |
| तु नसताना.... ! | चंद्रशेखर महामुनी | 11 | |
| दिवस जूने भुलायचे,काळजी वाचून जगायचे | श्रीकृष्ण सामंत | 4 | |
| तू पुन्हा केव्हा जरी...! | केशवसुमार | 9 | |
| प्रतिक्षा.... ! | चंद्रशेखर महामुनी | 0 | |
| सूर भैरवीचे | क्रान्ति | 10 | |
| (सगळ्यांसाठी..) | मराठमोळा | 9 | |
| खंत | विशाल कुलकर्णी | 4 | |
| जाईची कळी | जागु | 7 | |
| (अशक्य केवळ) | श्रावण मोडक | 3 | |
| (...उदरात ढकल काही!) | चतुरंग | 16 | |
| <बाकी ते फुगणेच खरे> | मराठमोळा | 1 | |
| कृष्णमय-- | पुष्कराज | 5 | |
| बाकी ते रुसणेच खरे | विशाल कुलकर्णी | 3 |