कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| पहिली भेट | जागु | 7 | |
| आठवण.... ! | चंद्रशेखर महामुनी | 1 | |
| बहुतेक हा स्वतःला गालीब समजतो पण.... | केशवसुमार | 15 | |
| पृथ्वीची पहाट! | उमेश कोठीकर | 2 | |
| मन | जागु | 0 | |
| सावळा | विशाल कुलकर्णी | 2 | |
| ओसाड राजमार्ग | जयवी | 13 | |
| <<----देवानं तोतया कवींना असं का बनवलं---->> | मराठमोळा | 0 | |
| आई! नको वध करू माझा! | उमेश कोठीकर | 11 | |
| ((देवानं विडंबकांना असं का बनवलं?)) | आपला अभिजित | 5 | |
| गुलाम! | उमेश कोठीकर | 13 | |
| ... कवितेचा आजार हवा | अजय जोशी | 1 | |
| (खरच आता नको ) | मराठमोळा | 5 | |
| (देवाने मुलींना अस का बनवलं?) | अनामिक | 22 | |
| आता नको | विशाल कुलकर्णी | 2 | |
| देवाने माश्यांना अस का बनवल ? | मूखदूर्बळ | 1 | |
| दादा म्हनले ... ! | विशाल कुलकर्णी | 14 | |
| गुढी उभारावी अशी | राजा | 5 | |
| पसारा | केशवसुमार | 8 | |
| तुझं घर | क्रान्ति | 1 |