कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| फुलाचं जीवन | जागु | 3 | |
| कोन येतय? | प्रकाश घाटपांडे | 6 | |
| पौर्णिमा | क्रान्ति | 5 | |
| <कंडक्टर...> | मराठमोळा | 7 | |
| सख्खे शेजारी | जागु | 12 | |
| (फोन मेसेज) | केशवसुमार | 11 | |
| पौर्णिमा | बेसनलाडू | 8 | |
| <फोन बिल> | दशानन | 9 | |
| हा कवी झाला कशाला....! | केशवसुमार | 6 | |
| "गो चेडवा,पडावातून आगबोटीत जपान" | श्रीकृष्ण सामंत | 2 | |
| फोन मेसेज | धनंजय | 40 | |
| प्रभातरंग | मराठमोळा | 7 | |
| बालगीत -खेळायचं खूप आता सुट्टीच सुट्टी. | अमोल केळकर | 5 | |
| प्रेम म्हणजे .. | jenie | 1 | |
| संसार एक घर | जागु | 13 | |
| (पौर्णिमा) | राघव | 6 | |
| वाटा वेगळ्या | क्रान्ति | 6 | |
| <उजाडले तरी .....> | पहाटवारा | 3 | |
| मी मराठी! | उमेश कोठीकर | 2 | |
| अनंगरंग | मनीषा | 7 |