कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| यल्गार | विशाल कुलकर्णी | 3 | |
| चित्र-काव्य स्पर्धा | सुनील | 7 | |
| चैत्रगौर | क्रान्ति | 19 | |
| मिपाकर भगिनींना नम्र विनंती.. | विसोबा खेचर | 29 | |
| उन्मनी | क्रान्ति | 12 | |
| कामवाली! | उमेश कोठीकर | 12 | |
| <बाई मी पळाली (एक वैताग विडंबन)> | मराठमोळा | 14 | |
| वसंतपालवी | जयवी | 6 | |
| बाई मी पळाली (एक वैताग कविता) | मूखदूर्बळ | 9 | |
| सहवास मजला हवा... | jenie | 2 | |
| सारे काही पहिले | जागु | 1 | |
| मिपाच्यावरी पंगती रंगलेल्या... | केशवसुमार | 14 | |
| (पहिला नोकरी अर्ज..) | पाषाणभेद | 2 | |
| खाण्याला उपमा नाही | मूखदूर्बळ | 8 | |
| निनावी नगर | जागु | 7 | |
| अनाथाश्रमाची भेट! | उमेश कोठीकर | 4 | |
| आणखी एक कला | धनंजय | 16 | |
| (म्हणू नका रे....) | केशवसुमार | 21 | |
| रंगांची गोष्ट! | उमेश कोठीकर | 6 | |
| (मी एकदा चहा केला) | ३_१४ विक्षिप्त अदिती | 51 |