चला अंताक्षरी खेळूया....
जुनाच पण सदाबहार खेळ !! इच्छुकांनी सहभागी व्हावे......
मेरे मेहबूब कयामत होगी....
आज रुसवा तेरी गलियोमे मोहब्बत होगी...
मे री न ज रे तो गि ला क र ती है....
तेरे दिल को भी सनम तुझसे शिकायत होगी....
पुढचे अक्षर "ग"....
💬 प्रतिसाद
(457)
र
रातराणी
Mon, 09/14/2015 - 11:31
नवीन
सागर किनारे दिल ये पुकारे
तू जो नही तो मेरा कोई नही है
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ग
गॅरी ट्रुमन
Mon, 09/14/2015 - 11:33
नवीन
हम ने तुम को देखा, तुम ने हम को देखा, ऐसे
हम तुम सनम, सातो जनम, मिलते रहे हो जैसे
आँखों का रह रह के मिलना, मिल के झुक जाना
कर देती हैं यही अदाए, दिल को दीवाना
हुआ यूँ सामना, पडा दिल थामना
अक्षर-- (न)
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र
रातराणी
Mon, 09/14/2015 - 11:42
नवीन
नैनो की मत सुनियो रे
नैना ठग लेंगे, नैना ठग लेंगे
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न
नीलमोहर
Mon, 09/14/2015 - 11:46
नवीन
गाना मेरे बस की बात नहीं
सुर और ताल का साथ नहीं..
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प
पद्मावति
Mon, 09/14/2015 - 11:47
नवीन
गरजत बरसत सावन आयो रे,
गरजत बरसत सावन आयो रे
लायो न संग में, हमरे बिछड़े बलमवा
सखी का करूं हाय, गरजत बरसत सावन आयो रे
गरजत बरसत सावन
आयो रे सावन आयो, सावन आयो रे
गरजत बरसत सावन
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क
केदार-मिसळपाव
Mon, 09/14/2015 - 11:48
नवीन
आजा रे आजारे मेरे दिलबर आजा
दिल की प्यास बुझाझा रे..
र घ्या..
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प
पद्मावति
Mon, 09/14/2015 - 11:52
नवीन
रैना बीती जाय,
श्याम न आए
निंदिया ना आए
रैना बीती जाय
य घ्या
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र
रातराणी
Mon, 09/14/2015 - 11:53
नवीन
रात के हमसफ़र थकके घरको चले,
झूमती आ रही है सुबह प्यार की,
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G
Gayatri Muley
Mon, 09/14/2015 - 12:02
नवीन
ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे
तोड़ेंगे दम मगर
तेरा साथ ना छोडेंगे
ग
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ग
गॅरी ट्रुमन
Mon, 09/14/2015 - 12:04
नवीन
गोरी तेरा गाँव बड़ा प्यारा, मैं तो गया मारा, आ के यहा रे
उस पर रूप तेरा सादा, चंद्रमा ज्यों आधा, आधा जवान रे
जी करता हैं, मोर के पाँव में पायलियाँ पहना दूँ
कूहू कूहू गाती कोयलियाँ को, फूलों का गहना दूँ
यही घर अपना बनाने को, पंछी करे देखो, तिनकें जमा रे
(अक्षर-- र)
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म
मारवा
Mon, 09/14/2015 - 12:04
नवीन
गाता रहे मेरा दिल तु ही मेरी मंझील
कही बीते ना ये राते कही बीते ना ये दिन
न
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म
मारवा
Mon, 09/14/2015 - 12:04
नवीन
गाता रहे मेरा दिल तु ही मेरी मंझील
कही बीते ना ये राते कही बीते ना ये दिन
न
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न
नीलमोहर
Mon, 09/14/2015 - 12:07
नवीन
न जाने क्यूं
होता है ये जिंदगी के साथ
अचानक ये मन
किसी के जाने के बाद
करे फिर उसकी याद
छोटी छोटीसी बात
न जाने क्यूं..
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म
मारवा
Mon, 09/14/2015 - 12:10
नवीन
झालय
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म
मारवा
Mon, 09/14/2015 - 12:07
नवीन
रात कली एक ख्वाब में आई और गले का हार हुई
सुबह को जब हम नींद से जागे, आँख तुम ही से चार हुई
चाहे कहो इसे मेरी मोहब्बत, चाहे हँसी में उड़ा दो
ये क्या हुआ मुझे मुझको खबर नहीं, हो सके तुम ही बता दो
तुम ने कदम तो रखा जमीन पर, सीने में क्यों झंकार हुई
ई
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ग
गॅरी ट्रुमन
Mon, 09/14/2015 - 12:10
नवीन
इधर चला मै उधर चला जाने कहा मै किधर चला
अरे फिसल गया ये तुने क्या किया
य
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र
रातराणी
Mon, 09/14/2015 - 12:12
नवीन
गल मीठी मीठी बोल
रस कानोमे तू घोल
बजने दे ताशे ढोल
मस्तीमे तूभी डोल
मन के नैना तू खोल
चाहत के मोती रोल
दिल होता है अनमोल
ये दौलतसे ना तोल
ओ सोनी तेनू चांद की मैं चूड़ी पेहनावा.
हुश्श खूप खेळले आज. मज्जा आली.
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G
Gayatri Muley
Mon, 09/14/2015 - 12:12
नवीन
रमैय्या वस्तावैय्या, रमैय्या वस्तावैय्या
मैंने दिल तुझको दिया
मैंने दिल तुझको दिया
य
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प
पद्मावति
Mon, 09/14/2015 - 12:13
नवीन
ये लम्हे, ये पल हम बरसों याद करेंगे
ये मौसम चले गये तो हम फर्याद करेंगे
इन सपनों की तस्वीरों से, इन यादों की जंजीरों से
अपने दिल को कैसे हम आझाद करेंगे
ये मौसम चले गये तो हम फर्याद करेंगे
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म
मारवा
Mon, 09/14/2015 - 12:17
नवीन
गोरे गोरे मुखडे पे काला काला चश्मा
तौबा खुदा करे
खुब है करीश्मा
खुब है करीश्मा
म
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ग
गॅरी ट्रुमन
Mon, 09/14/2015 - 12:19
नवीन
मेरे नैना सावन भादो फिर भी मेरा मन प्यासा
बात पुरानी है, एक कहानी है
अब सोचूं तुम्हे याद नहीं है, अब सोचूं नहीं भूलें
वो सावन के झूलें
रुत आये रुत जाये दे के झूठा एक दिलासा
बरसों बीत गये, हम को मिले बिछड़े
बिजुरी बन के गगन पे चमकी बीते समय की रेखा
मैंने तुमको देखा
तड़प तड़प के इस बिरहन को आया चैन जरासा
स
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ब
बॅटमॅन
Mon, 09/14/2015 - 12:22
नवीन
साथियाऽऽऽ हो...साथियाऽऽऽ हो...
मद्धम मद्धम तेरी गीली हसी....
हस्ती रहे तू हस्ती रहे, हया की लाली खिलती रहे,
जुल्फों के नीचे गरदन पे, स्बहोशाम खिलती रहे...
सोणिसी हसी तेरी, मिलती रहे मिलती रहे...
(थोड्याफार चूभूदेघे, तरी लिरिक्स बाकी अचूक आहे.)
पुढील अक्षर ह.
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म
मारवा
Mon, 09/14/2015 - 12:23
नवीन
साथिया ये तुने क्या कहा, बेलिया ये तुने क्या कहा
यूँ ना कभी करना इंतज़ार
मैंने किया है तुमसे प्यार
मैंने किया है तुमसे प्यार
र
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प
पद्मावति
Mon, 09/14/2015 - 12:22
नवीन
सो गया ये समा सो गया आसमान
सो गयी है सारी मंजिले, सो गया है रास्ता
सो गया ये समा सो गया आसमान
न
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प
पद्मावति
Mon, 09/14/2015 - 12:23
नवीन
किंवा आसमा चा म
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ब
बॅटमॅन
Mon, 09/14/2015 - 12:24
नवीन
न जाने मेरे... दिलको क्या... होगया....
अभी तो यहीं...था कहीं.... खोगया....
अरे होगया है तुझको तो प्यार सजना
लाख करले तू इनकार सजना
हय ये प्यार सजना....
न
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न
नीलमोहर
Mon, 09/14/2015 - 12:24
नवीन
निंदीया से जागी बहार
ऐसा मौसम देखा पहली बार..
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G
Gayatri Muley
Mon, 09/14/2015 - 12:25
नवीन
मेला दिलों का आता है इक बार आके चला जाता है
आते हैं मुसाफिर जाते हैं मुसाफिर
जाना ही है उनको क्यों आते हैं मुसाफिर
मेला दिलों का …
क
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ब
बॅटमॅन
Mon, 09/14/2015 - 12:29
नवीन
कबसे आये हैं तेरे दुल्हे राजा...
अब देर नाऽऽ कर तू जल्दी आजा...
ऐ दिल..चलेगा अब ना कोई बहाना
गोरी को होगा अब साजन के घर जाना
माथेऽ की बिंदियां क्या बोले हैं सुन्सुन्सुन्सुन....
साजन्जी घर आये, साजन्जी घर आये,
दुल्हन क्यूं शरमाये, साजन्जी घर आये...
य.
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म
मारवा
Mon, 09/14/2015 - 12:26
नवीन
बहोत नाइन्साफी है
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म
मारवा
Mon, 09/14/2015 - 12:27
नवीन
रात के हमसफ़र, थक के घर को चले
झूमती आ रही, हैं सुबह प्यार की
देख कर सामने रूप की रौशनी
फिर लूटी जा रही, हैं सुबह प्यार की
क
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म
मारवा
Mon, 09/14/2015 - 12:28
नवीन
रात के हमसफ़र, थक के घर को चले
झूमती आ रही, हैं सुबह प्यार की
देख कर सामने रूप की रौशनी
फिर लूटी जा रही, हैं सुबह प्यार की
क
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ग
गॅरी ट्रुमन
Mon, 09/14/2015 - 12:41
नवीन
कहीं दूर जब दिन ढल जाए
साँझ की दुल्हन बदन चुराए, चुपके से आए
मेरे ख़यालों के आँगन में, कोई सपनों के दीप जलाए
कभी यूँ ही जब हुई बोझल साँसे
भर आई बैठे बैठे जब यूँ ही आँखे
तभी मचल के, प्यार से चल के
छूए कोई मुझे पर नज़र ना आए, नज़र ना आए
(ए) :)
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ब
बॅटमॅन
Mon, 09/14/2015 - 12:52
नवीन
ए मेरे, हमसफर, इक जरा इंतजार...(बाकी आठवत नाय)....मंझिल प्यार की...
क.
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ग
गॅरी ट्रुमन
Mon, 09/14/2015 - 13:00
नवीन
कौन है जो सपनों में आया
कौन है जो दिल में समाया
लो झुक गया आसमान भी
इश्क मेरा रंग लाया
ओ पिया.....
य
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ब
बॅटमॅन
Mon, 09/14/2015 - 13:04
नवीन
यायिरे...यायिरे... जोर्लगाके नाच्चे रे...
चल मेरे संगं संगं, लेले दुनिया के रंग, होजा रंगीला रे....रंगनरंगीला रे...
र.
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स
संजय पाटिल
Mon, 09/14/2015 - 13:14
नवीन
ए मेरे, हमसफर, इक जरा इंतजार सुन सदाए दे रही है.. मंझिल प्यार की..
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ब
बॅटमॅन
Mon, 09/14/2015 - 13:18
नवीन
धन्यवाद!
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ग
गॅरी ट्रुमन
Mon, 09/14/2015 - 13:21
नवीन
http://geetmanjusha.com/ या साईटीवर देवनागरीतूनही लिरिक्स मिळतात. मी सगळे लिरिक्स तिथूनच भराभर चोप्य-पस्ते करत आहे :)
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प
प्यारे१
Mon, 09/14/2015 - 12:50
नवीन
यही है ख्वाहिश आज मेरी
जान जाये बाहोंमे ही तेरी
र
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ब
बॅटमॅन
Mon, 09/14/2015 - 12:53
नवीन
राहों में उनसे मुलाकात हो गयी...
जिसे डरते थे...वही बात हो गयी....
आहाहाहाहाहा....आहाहा हाहा...(मोजलेत बरं का)
ह =))
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म
मारवा
Mon, 09/14/2015 - 12:53
नवीन
रात का नशा अभी आँख से गया नहीं
तेरा नशिला बदन, बाहों ने छोडा नहीं
आँखें तो खोली मगर, सपना वो तोडा नहीं
साँसों पे रखा हुआ तेरे होठों का सपना अभी हैं वही
तेरे बिना भी कभी तुझ से मचल लेती हूँ
करवटें बदलती हूँ तो सपना बदल लेती हूँ
तेरा खयाल आए तो, बल खाँके पल जाता है
पानी की चादर तले तन मेरा जल जाता है
साँसों पे रखा हुआ तेरे होठों का सपना अभी है वही
तेरे गले मिलने के मौसम बडे होते हैं
जन्मों का वादा कोई, ये गम बडे छोटे हैं
लंबी सी एक रात हो, लंबा सा एक दिन मिले
बस इतना सा जीना हो मिलन की घडी जब मिले
साँसों पे रखा हुआ तेरे होठों का सपना अभी है वही
ह
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ग
गॅरी ट्रुमन
Mon, 09/14/2015 - 13:01
नवीन
हमें तुम से प्यार कितना, ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते, तुम्हारे बिना
सुना गम जुदाई का उठाते हैं लोग
जाने जिन्दगी कैसे बिताते हैं लोग
दिन भी यहाँ तो लगे बरस के समान
हमें इंतज़ार कितना ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते, तुम्हारे बिना
न
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म
मारवा
Mon, 09/14/2015 - 12:55
नवीन
ह
ह
ह
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ब
बॅटमॅन
Mon, 09/14/2015 - 12:57
नवीन
हा हा हा, अगदी अगदी!!!!!
( द नाही बरं का =)) )
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ज
ज्ञानोबाचे पैजार
Mon, 09/14/2015 - 12:59
नवीन
ए क्या बोलती तू?हाँ तुम्हें तुम्हें तुम्हें हम चाहते हैं
देखो ना तुम से दूर जा कर तुम्हारे पास आते हैं
कौन मैं हाँ तुम बस तुम ओफ़्फ़ो
फ घ्या
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ज
ज्ञानोबाचे पैजार
Mon, 09/14/2015 - 12:59
नवीन
हाँ तुम्हें तुम्हें तुम्हें हम चाहते हैं
देखो ना तुम से दूर जा कर तुम्हारे पास आते हैं
कौन मैं हाँ तुम बस तुम ओफ़्फ़ो
फ घ्या
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ग
गॅरी ट्रुमन
Mon, 09/14/2015 - 13:29
नवीन
फज़ा भी है जवाँ, जवाँ, हवा भी है रवाँ, रवाँ
सुना रहा है ये समा, सुनी सुनी सी दास्ताँ
पुकारते हैं दूर से, वो काफिले बहार के
बिखर गये हैं रंग से, किसी के इंतजार के
लहर लहर के होंठोंपर, वफ़ा की हैं कहानियाँ
बुझी मगर बुझी नहीं, न जाने कैसी प्यास है
करार दिल से आज भी, ना दूर है ना पास है
ये खेल धूंप-छाँव का, ये करवटें, ये दूरियाँ
हर एक पल को ढूंढता, हर एक पल चला गया
हर एक पल फिराक का, हर एक पल विसाल का
हर एक पल गुजर गया, बना के दिल पे एक निशाँ
निकाह चित्रपटातील गाणे मला फारच आवडते. म्हणून लिरिक्स सगळे दिले आहेत आणि व्हिडिओ पण एम्बेड करत आहे.
पुढील अक्षर--- श
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न
नीलमोहर
Mon, 09/14/2015 - 12:59
नवीन
हम दिल दे चुके सनम
तेरे हो गए हैं हम
तेरी कसम
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म
मारवा
Mon, 09/14/2015 - 13:04
नवीन
मै निकला ओ गड्डी लेके
ओ रास्ते पर ओ सडक मे
एक मोड आया
मै उत्थे दिल छोड आया
य
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