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चला अंताक्षरी खेळूया....

म — माम्लेदारचा पन्खा, Sun, 09/13/2015 - 12:29
जुनाच पण सदाबहार खेळ !! इच्छुकांनी सहभागी व्हावे...... मेरे मेहबूब कयामत होगी.... आज रुसवा तेरी गलियोमे मोहब्बत होगी... मे री न ज रे तो गि ला क र ती है.... तेरे दिल को भी सनम तुझसे शिकायत होगी.... पुढचे अक्षर "ग"....

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110339 वाचन

💬 प्रतिसाद (457)
ब
बॅटमॅन Mon, 09/14/2015 - 13:05 नवीन
मायेनिमायेमुंदेरुपेतेरी बोलरहाहैकागा.... जोगनहोगै तेरिदुलारी, मन जोगीसंगलागा.... ग.
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↩ प्रतिसाद: नीलमोहर
प
प्यारे१ Mon, 09/14/2015 - 13:07 नवीन
रं बाला किति यला त्या जोगि ला जोगन देतो रं?
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↩ प्रतिसाद: बॅटमॅन
ग
गॅरी ट्रुमन Mon, 09/14/2015 - 13:07 नवीन
गीत गाता हूँ मैं, गुनगुनाता हूँ मैं मैने हँसने का वादा किया था कभी इसलिए अब सदा मुस्कुराता हूँ मैं ये मोहब्बत के पल कितने अनमोल हैं कितने फूलों से नाज़ूक मेरे बोल हैं सब को फूलों की माला पहनाता हूँ मैं मुस्कुराता हूँ मैं ... म
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↩ प्रतिसाद: बॅटमॅन
ब
बॅटमॅन Mon, 09/14/2015 - 13:11 नवीन
मुक्काला मुक्काबला लैला...ओहो लैला.. अपना काफिला...जब प्यार से चला..लोगोंका दिल मिला..(इथले विसरलो) मोहब्बत का यही सिलसिला..ओएओ... ल घ्या.
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↩ प्रतिसाद: गॅरी ट्रुमन
ग
गॅरी ट्रुमन Mon, 09/14/2015 - 13:15 नवीन
लिखे जो खत तुझे, वो तेरी याद में हज़ारो रंग के नज़ारे बन गये सवेरा जब हुआ, तो फूल बन गये जो रात आई तो सितारें बन गये कोई नग्मा कहीं गूंजा, कहा दिल ने ये तू आई कहीं चटकी कली कोई, मैं ये समझा तू शरमाई कोई खुशबू कहीं बिखरी, लगा ये जुल्फ लहराई परत एकदा ई :)
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↩ प्रतिसाद: बॅटमॅन
प
प्यारे१ Mon, 09/14/2015 - 13:06 नवीन
यादे तेरी कुछ यादे मेरी कुछ बात है कुछ खास है कुछ छ
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ग
गॅरी ट्रुमन Mon, 09/14/2015 - 13:11 नवीन
छूकर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा बदला ये मौसम लगे प्यारा जग सारा तू जो कहे जीवनभर तेरे लिए मैं गाऊँ गीत तेरे बोलों पे लिखता चला जाऊँ मेरे गीतों में तुझे ढूंढ़े जग सारा र
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↩ प्रतिसाद: प्यारे१
प
प्यारे१ Mon, 09/14/2015 - 13:19 नवीन
मी दोन गाण्यांचे शब्द असेच जोडतोड करुन लिहीले आहेत. आणखी कुणी असं केलं आहे काय? ;)
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न
नीलमोहर Mon, 09/14/2015 - 13:25 नवीन
तुम्ही केलेली गंमत लक्षात आली पण म्हट्लं जाऊ द्या.. ;)
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↩ प्रतिसाद: प्यारे१
ल
लव उ Mon, 09/14/2015 - 13:45 नवीन
रूम झुम रुम झुम भिगी भिगी रुत मे तुम हम हम तुम
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श
शामसुन्दर Mon, 09/14/2015 - 15:44 नवीन
रुख़ से ज़रा नकाब उठा दो, मेरे हुजूर जलवा फिर एक बार दिखा दो, मेरे हुजूर वो मर्मरी से हाथ, वो महका हुआ बदन टकराया मेरे दिल से, मोहब्बत का एक चमन मेरे भी दिल का फूल खिला दो, मेरे हुजूर
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क
केदार-मिसळपाव Mon, 09/14/2015 - 15:50 नवीन
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिये आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिये आ रंजिश ही सही..
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द
दुर्गविहारी Mon, 09/14/2015 - 17:06 नवीन
याद किया दिलने कहा हो तूम , झुमति बहार है कहा हो तूम | प्यार् से पुकारलो जहा हो तूम
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द
द-बाहुबली Mon, 09/14/2015 - 17:08 नवीन
मुक्काला मुकाबला होगा... ओलैला जालिम हसिना बदी मन चली है पर क्या करु तेरी मस्ती चढीं है निंद चुराके चैन चुरायेगा तेरा... मुक्काला मुकाबला होगा... ओलैला
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↩ प्रतिसाद: दुर्गविहारी
प
पद्मावति Mon, 09/14/2015 - 17:14 नवीन
लेकर हम दीवाना दिल, फिरते है मंज़िल मंज़िल कही तो प्यारे, किसी किनारे, मिल जाओ तुम अंधेरे उजाले..तराम पम.. लेकर हम दीवाना दिल, फिरते है मंज़िल मंज़िल
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द
द-बाहुबली Mon, 09/14/2015 - 17:24 नवीन
लैला ओ लैला कैसी तु लैला हर कोइ चाहे तुमसे मिलना अकेला.. ओ ल्लैला..
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ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 17:25 नवीन
लेकर हम दीवाना दिल फिरते है मंजिल मंजिल कही तो प्यारे किसी किनारे मिल जाए दो अंधेरे उजाले
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ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 17:25 नवीन
नशीब दोघांच पण ल आला
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प
पद्मावति Mon, 09/14/2015 - 17:27 नवीन
लो चली मै अपने देवर की बारात लेके लो चली मै न बॅंड बाजा नाही बाराती, खुशियों की सौगात लेके लो चली मै
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ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 17:29 नवीन
मै दुनिया भुला दुंगा तेरी चाहत में है दुश्मन जमाना मुझेना भुलाना मई सबको मिटा दुंगा तेरी चाहत में
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द
द-बाहुबली Mon, 09/14/2015 - 17:31 नवीन
मुथुकोडी कव्वाडी हडा ए मुथ्थुकोडी कव्वाडी हडा प्यार मे जो ना करना चाहा वो भी मुझे करना पडा...
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ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 17:36 नवीन
डम डम डिगा डिगा मौसम भीगा भिगा
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प
पद्मावति Mon, 09/14/2015 - 17:37 नवीन
गर तुम भुला न दोगे सपने ये सच ही होंगे हम-तुम जुदा न होंगे हम-तुम जुदा न होंगे
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ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 17:40 नवीन
गुम है किसीके प्यार में दिल सुबह श्याम पर तुम्हे लिख नहीं पाउ मई उसका नाम हाय राम
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द
द-बाहुबली Mon, 09/14/2015 - 17:44 नवीन
माहिया तेरि कसम हये.. जिन नही जिना मुझे तेरे बिना...
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ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 17:46 नवीन
ना जाने कहा से आई है ना जाने कहा को जाएगी दीवाना किसे बनाएगी इ लडकी
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प
पद्मावति Mon, 09/14/2015 - 17:48 नवीन
बरं आहे, दोघांचंही क आलं.
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↩ प्रतिसाद: एक एकटा एकटाच
प
पद्मावति Mon, 09/14/2015 - 17:46 नवीन
नशा ये प्यार का नशा है ये मेरी बात यारों मानो नशे में यार डूब जाओ रहो न होश में दीवानों के जबसे मैने तुमको दिल ये दे दिया मीठा मीठा सा दर्द ले लिया सुनो ओ प्रिया मैने तुमको दिल दिया नशा ये प्यार का ...
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ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 17:48 नवीन
नशीब दोघांचा पण क आला
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↩ प्रतिसाद: पद्मावति
द
द-बाहुबली Mon, 09/14/2015 - 17:51 नवीन
कुक्कुक् कुक्कुक् कुक्कुक् कुक्कुक् कुक्कुक् कुक्कुक् कुक्कुक् कुक्कुक् चोली के पिचे क्या है चोली के पिचे ? चुनरी के निचे क्या है ? चुनरी के निचे ? चोली मे दिल है मेरा चुनरी मे दिल है मेरा.. ये दिल मै दुंगी मेरे यार को.. प्यार को...
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ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 17:53 नवीन
आयला सॉल्लिड
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↩ प्रतिसाद: द-बाहुबली
द
द-बाहुबली Mon, 09/14/2015 - 17:54 नवीन
काय करणार नशिबाने दोघांचाही क आला होता ना... ;)
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↩ प्रतिसाद: एक एकटा एकटाच
प
पद्मावति Mon, 09/14/2015 - 17:54 नवीन
कबूतर जा, जा, जा कबूतर जा जा जा पहले प्यार की पहली चिट्ठी साजन को दे आ कबूतर जा, जा, जा ...
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द
द-बाहुबली Mon, 09/14/2015 - 17:57 नवीन
जुम्मा, जुम्मा, जुम्मा, जुम्मा, जुम्मा जुम्मा, जुम्मा जुम्मा जुम्मा जुम्मा जुम्मा जुम्मा अरे ओ जुम्मा, मेरी जानेमन, बाहर निकल आज जुम्मा है, आज का वादा है देख मैं आ गया, तू भी जल्दि आ मुझे मत और तड़पा अरे तू बोली थी पिछले जुम्मे को चुम्मा दूंगी अगले जुम्मे को आज जुम्मा है तो आजा आजा जुम्मा चुम्मा दे दे, जुम्मा चुम्मा दे दे चुम्मा जुम्मे के दिन किया चुम्मे का वादा जुम्मे को तोड़ दिया चुम्मे का वादा ले आ गया रे फिर जुम्मा-चुम्मा ...
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↩ प्रतिसाद: पद्मावति
प
पद्मावति Mon, 09/14/2015 - 18:04 नवीन
मन क्यों बहका री बहका, आधी रात को बेला महका री महका, आधी रात को किस ने बन्सी बजाई, आधी रात को जिस ने पलकी चुराई, आधी रात को
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↩ प्रतिसाद: द-बाहुबली
द
द-बाहुबली Mon, 09/14/2015 - 18:08 नवीन
क्या तुम मुझसे प्यार कर्ती हो ? क्या तुम मुझपे दिलसे मरती हो.. हां कसम से, कसम से हां कसम से, कसम की कसम कसम से सनम हम जनम जनसे तुमपे मरते है...
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↩ प्रतिसाद: पद्मावति
ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 17:54 नवीन
कहेना है कहेना है आज तुमसे ये पहली बार तुम ही तो लाइ हो जीवन में मेरे प्यार प्यार प्यार
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प
प्यारे१ Mon, 09/14/2015 - 18:04 नवीन
रुक जाना नही तू कही हार के कांटो पे चलके मि लेंगे साये बहार के ओ राही ओ राही ओ राही ओ राही ह
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द
द-बाहुबली Mon, 09/14/2015 - 18:05 नवीन
आधीच झालयं मीच म्हटलं होतं गाणं बदला.
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↩ प्रतिसाद: प्यारे१
प
प्यारे१ Mon, 09/14/2015 - 18:09 नवीन
रुक रुक रुक अरे बाबा रुक ओ माय डार्लिंग गिव मी अ लुक दिल मेरा धडके तेरे लिये असं सगळं झालं की लव हुआ लव हुआ -आलिशा चिनाय आजारी असणार तेव्हा अक्षर अ
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↩ प्रतिसाद: द-बाहुबली
द
द-बाहुबली Mon, 09/14/2015 - 18:15 नवीन
आजा मेरी गाडी मे बैठ जा आजा मेरी गाडी मे बैठ जा लौंग ड्राइव जायेंगे फुल स्पिड जायेंगे कही रुकेंगेना हम गाना बजाना खाना पिना गाडीमे होगा सनम आजा मेरी गाडी मे बैठ जा आजा मेरी गाडी मे बैठ जा
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↩ प्रतिसाद: प्यारे१
अ
अभ्या.. Mon, 09/14/2015 - 18:26 नवीन
जादूगर सैया छोडो मेरी बय्या होगयी आधी रात अब घर जाने दो
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↩ प्रतिसाद: द-बाहुबली
अ
अभ्या.. Mon, 09/14/2015 - 18:27 नवीन
दो ल्फ्जोकी ह ये कहानी क्या है मुहब्बत क्या है जवानी
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↩ प्रतिसाद: अभ्या..
ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 18:27 नवीन
जा ने जा ढुंडता फिर रहा हु तुम्हे रात दिन मै यहाँ से वहा
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ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 18:27 नवीन
जा ने जा ढुंडता फिर रहा हु तुम्हे रात दिन मै यहाँ से वहा
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अ
अभ्या.. Mon, 09/14/2015 - 18:29 नवीन
ओ सिंगल सिंगल टो नी आलय
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↩ प्रतिसाद: एक एकटा एकटाच
ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 18:38 नवीन
हो पण मी रिप्लाय ज वरुन दिला होता... पण नेट स्लो झालेल तोवर तुम्ही नी पर्यंत पोहचलात I My Sorry बर का?
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↩ प्रतिसाद: अभ्या..
न
नीलमोहर Mon, 09/14/2015 - 18:42 नवीन
सिंगल सिंगल टो :)
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↩ प्रतिसाद: अभ्या..
ए
एक एकटा एकटाच Mon, 09/14/2015 - 18:47 नवीन
सिंगल सिंगल टो :-D
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↩ प्रतिसाद: अभ्या..
र
रातराणी Mon, 09/14/2015 - 18:32 नवीन
हमने देखी है उन आँखोकी मेह्कती खुशबू हातसे छू के इसे रिश्तोंका इल्जाम ना दो
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