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चला अंताक्षरी खेळूया....

म — माम्लेदारचा पन्खा, Sun, 09/13/2015 - 12:29
जुनाच पण सदाबहार खेळ !! इच्छुकांनी सहभागी व्हावे...... मेरे मेहबूब कयामत होगी.... आज रुसवा तेरी गलियोमे मोहब्बत होगी... मे री न ज रे तो गि ला क र ती है.... तेरे दिल को भी सनम तुझसे शिकायत होगी.... पुढचे अक्षर "ग"....

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110339 वाचन

💬 प्रतिसाद (457)
भ
भिंगरी Tue, 09/15/2015 - 07:30 नवीन
तुही रे तुहीरे तेरे बीना मै कैसे जीऊ? आजा रे आजा रे
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न
नीलमोहर Tue, 09/15/2015 - 08:03 नवीन
रैना बीती जाए शाम न आए निंदीया न आए निंदीया न आए..
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भ
भिंगरी Tue, 09/15/2015 - 08:14 नवीन
ऐ दिल मुझे बतादे तू किसपे आ गया है? वो कौन है मुसाफीर जो तुझपे छा गया है?
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न
नीलमोहर Tue, 09/15/2015 - 08:22 नवीन
हाल ए दिल तुझको सुनाता दिल अगर ये बोल पाता
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भ
भिंगरी Tue, 09/15/2015 - 08:25 नवीन
तु रे तु तु तु रे तु तु (६) दो मस्ताने दो दिवाने एक मै और एक तु तु रे तु तु
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न
नीलमोहर Tue, 09/15/2015 - 08:29 नवीन
तु तु तु तु तु तारा तोडो ना दिल हमारा
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भ
भिंगरी Tue, 09/15/2015 - 08:31 नवीन
रिमझिम के तराने लेके आयी बरसात
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न
नीलमोहर Tue, 09/15/2015 - 08:36 नवीन
ताकते रहते तुझको सांझ सवेरे नैनोंमें बसियां जैसे नैन ये तेरे..
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भ
भिंगरी Tue, 09/15/2015 - 08:39 नवीन
रंगीला रेतेरे रंग मे यु रंगा है मेरा मन
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G
Gayatri Muley Tue, 09/15/2015 - 09:03 नवीन
नीले नीले अंबर पर चाँद जब आए प्यार बरसाए, हम को तरसाए ऐसा कोई साथी हो, ऐसा कोई प्रेमी हो प्यास दिल की बुझा जाए
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म
माम्लेदारचा पन्खा Tue, 09/15/2015 - 09:07 नवीन
गाणी संपायला लागलीत....
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↩ प्रतिसाद: Gayatri Muley
प
पीके Wed, 09/16/2015 - 18:58 नवीन
रिपीट पण होतायत. जवळ जवळ १५० तरी रिपीट झालीत .संमं, रिपीट गाणी उडवता येतात का बघा आणि धागा लहान करा...
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↩ प्रतिसाद: माम्लेदारचा पन्खा
न
नीलमोहर Tue, 09/15/2015 - 09:07 नवीन
ए काश के हम होश में अब आने न पाए बस नगमें तेरे प्यार के गाते ही जाएं
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द
द-बाहुबली Tue, 09/15/2015 - 09:10 नवीन
नही ये हो नही सकता के तेरी याद ना आये. बिना तेरे कही ये दिल मेरा अब चैन ना पाये.. तुझे भुलने से पेहेले मेरी जान चली जाए...
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प
प्यारे१ Tue, 09/15/2015 - 09:12 नवीन
ए दिल है मुश्किल जीना यहा जरा हसके जरा बचके ये है बॉम्बे मेरी जान
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द
द-बाहुबली Tue, 09/15/2015 - 09:18 नवीन
नखरेवाली... नखरेवाली... नखरेवाली- देखने में देख लो हैं कैसी भोली भाली अजनबी ये छोरियां, दिल पे डाले डोरियाँ मन की काली
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G
Gayatri Muley Tue, 09/15/2015 - 09:22 नवीन
लो चली मैं अपने देवर की बारात ले के   लो चली मैं  ना बैंड बाजा, ना ही बाराती, खुशियों की सौगात ले के   लो चली मैं  
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न
नीलमोहर Tue, 09/15/2015 - 09:32 नवीन
मैं अगर कहूं तुमसा हसीं कायनात में नही है कही तारीफ ये भी तो सच है कुछ भी नही..
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ग
गॅरी ट्रुमन Tue, 09/15/2015 - 09:48 नवीन
या गाण्याची सुरवात "तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ किसी जबां में भी वो लब्ज़ ही नहीं के जिन में तुम हो क्या तुम्हें बता सकू" अशी आहे. त्यामुळे म पासून सुरू होत नाही :(
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↩ प्रतिसाद: नीलमोहर
भ
भिंगरी Tue, 09/15/2015 - 09:42 नवीन
है ना बोलो बोलो है ना बोलो बोलो पापा को मम्मीसे मम्मी को पापा से प्यार है है ना बोलो बोलो
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द
द-बाहुबली Tue, 09/15/2015 - 09:47 नवीन
लागी छूटे ना, अब तो सनम चाहे जाये जिया, तेरी कसम
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न
नीलमोहर Tue, 09/15/2015 - 09:48 नवीन
लेकर हम दिवाना दिल फिरते हैं मंझिल मंझिल
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भ
भिंगरी Tue, 09/15/2015 - 09:49 नवीन
मैय्या मोरी मै नही माखन खायो
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प
पद्मावति Tue, 09/15/2015 - 10:06 नवीन
याद आ रही है, तेरी याद आ रही है याद आने से, तेरे जाने से, जान जा रही है पहले ये ना जाना, तेरे बाद ये जाना प्यार में जीना मुश्किल कर देगा, ये दिल दीवाना प्यार में जाने कैसे, सांस ये ऐसे, आ जा रही है
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द
द-बाहुबली Tue, 09/15/2015 - 10:18 नवीन
है अगर दुश्मन दुश्मन ज़माना गम नहीं, गम नहीं.. कोई आये कही से, हम किसी से कम नहीं
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भ
भिंगरी Tue, 09/15/2015 - 10:19 नवीन
हमने तुम को देखा तुमने हमको देखा कैसे हम तुम सनम सातो जनम मिलते रहे हो जैसे
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प
पद्मावति Tue, 09/15/2015 - 10:24 नवीन
साँझ ढले, गगन तले हम कितने एकाकी छोड़ चले, नैनों को किरणों के पाखी साँझ ढले, गगन तले हम कितने एकाकी
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प
पद्मावति Tue, 09/15/2015 - 10:25 नवीन
ख किंवा क घ्या
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↩ प्रतिसाद: पद्मावति
द
द-बाहुबली Tue, 09/15/2015 - 10:28 नवीन
कोयलसी तेरी बोली कुक कु कु कु, कुक कु, कुक कु कु कु सुरत है कितनी भोली कुक कु कु कु, कुक कु, कुक कु कु कु नैन तेरे कजराले होट तेरे अंगारे तुझे देखके दिल मेरा खोने लगा........
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प
पद्मावति Tue, 09/15/2015 - 10:29 नवीन
गुलमोहर गर तुम्हारा नाम होता मौसम-ए-गुल को हसाना भी हमारा काम होता आयेंगी बहारें तो अब के उन्हे कहना ज़रा इतना सुने हो, मेरे गुल बीना उन का कहा बहार नाम होता
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भ
भिंगरी Tue, 09/15/2015 - 10:29 नवीन
खोया खोया चाँद खुला आसमा आंखोमे सारी रात जायेगी तुमको फिर कैसे निंद आयेगी' ओ ओ ओ खोया खोया चांद
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प
पद्मावति Tue, 09/15/2015 - 10:32 नवीन
देखने मे भोला है दिल का सलोना बंबई से आया है बाबू चिनन्ना
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द
द-बाहुबली Tue, 09/15/2015 - 10:33 नवीन
तोफा तोफा तोफा तोफा लाह्या लाह्या लाह्य लाह्या प्यार का तौफा तेरा बनाहै जिवन मेरा जिनेको और क्या चाहिये ?
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प
पद्मावति Tue, 09/15/2015 - 10:38 नवीन
यूँ तो हम ने लाख हसीं देखे हैं, तुम सा नहीं देखा उफ़ ये नज़र, उफ़ ये अदा कौन ना अब होगा फिदा जुल्फें हैं या बदलियाँ, आँखे हैं या बिजलियाँ जाने किस किस की आयेगी कज़ा
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द
द-बाहुबली Tue, 09/15/2015 - 10:53 नवीन
खंबे जैसी खडी है लडकी है या छडी है शोला है फुलझडी है पट्टाखेकी लडी है आखोंमे गुस्सा है, होटोपें लाली है... देखो यारो देखो यारो खुदको समजती है क्या
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न
नीलमोहर Tue, 09/15/2015 - 11:00 नवीन
यारा सिली सिली बिरहा की रात का जलना ये भी कोई जीना है ये भी कोई मरना..
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भ
भिंगरी Tue, 09/15/2015 - 11:06 नवीन
ना कोई उमंग है ना कोई तरंग है मेरी जिंदगी है क्या एक कटी पतंग है
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द
द-बाहुबली Tue, 09/15/2015 - 11:08 नवीन
हर किसीको नही मिलता यहां प्यार जिंदगीमे. खुशनसीब है वो जिनको है मिली येबहार जिंदगीमे..
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भ
भिंगरी Tue, 09/15/2015 - 11:11 नवीन
मै शायर बदनाम मै चला मै चला
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द
द-बाहुबली Tue, 09/15/2015 - 11:13 नवीन
लिख्खा हय ये इन हवां पे लिख्खा हय ये इन घटाओंपे तु हय मेरे लिए मइ हुं तेरे लिए
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न
नीलमोहर Tue, 09/15/2015 - 11:23 नवीन
एक रास्ता है जिंदगी जो थम गए तो कुछ नही ये कदम किसी मकाम पे जो जम गए तो कुछ नही
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G
Gayatri Muley Tue, 09/15/2015 - 11:23 नवीन
ए दिल लाया है बहार अपनों का प्यार क्या कहना मिलें हम च्चालक उठा खुशी का खुमार क्या कहना खिले खिले चेहरों से आज घर है मेरा गुले गुलज़ार क्या कहना खिले खिले चेहरों से आज घर है मेरा गुले गुलज़ार क्या कहना
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र
रोहन अजय संसारे Tue, 09/15/2015 - 11:28 नवीन
रुक रुक रुक रुक रुक रुक रुक रुक जाना जरा रुक जाना रुक जाना ओ जाना हम्से दो बाते कर्ति च्ले जाना कि मौसम है दिवाना
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द
द-बाहुबली Tue, 09/15/2015 - 11:30 नवीन
ना कजरेकी धार ना मोतीयोंके हार ना कोइ किया सिंगार फिर भी कितनी सुंदर हो तुम कितीनी सुंदर हो... मन मे प्यार भरा और तन मे प्यार भरा जिवनमे प्यार भरा तुम्ही तो मेरे प्रियवन हो...
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च
चांदणे संदीप Tue, 09/15/2015 - 11:34 नवीन
ना तू जमी के लिए है, ना आसमा के लिए तेरा वजूद तो है सिर्फ दासता के लिए छान चित्रपट, उत्तम गाणे, अप्रतिम अभिनय!
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च
चांदणे संदीप Tue, 09/15/2015 - 12:31 नवीन
आर्र….स्वारी बरंका! हे गाणं पहिल्याच पानावर मारवा यांनी दिलेलं आहे.
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↩ प्रतिसाद: चांदणे संदीप
ग
गॅरी ट्रुमन Tue, 09/15/2015 - 11:37 नवीन
ए मेरे प्यारे वतन ऐ मेरे बिछड़े चमन तुझ पे दिल कुर्बान तू ही मेरी आरजू, तू ही मेरी आबरू, तू ही मेरी जान तेरे दामन से जो आये, उन हवाओं को सलाम चूम लू मैं उस जुबान को जिस पे आये तेरा नाम सब से प्यारी सुबह तेरी, सब से रंगी तेरी शाम (म)
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प
प्यारे१ Tue, 09/15/2015 - 12:40 नवीन
मुझे कुछ कहना है मुझे भी कुछ कहना है पहले तुम पहले तुम पहले तुम पहले तुम (यानंतर गाणं काय आहे?)
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च
चांदणे संदीप Tue, 09/15/2015 - 12:48 नवीन
अक्सर एक लडका इस हाल में किसी लडकी से सोलवें साल में जो कहता है…. वो मुझे कहना है!
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↩ प्रतिसाद: प्यारे१
न
नीलमोहर Tue, 09/15/2015 - 12:47 नवीन
मेरेे तेरे नाम नए हैं दर्द पुराना है जीवन क्या है तेज हवा में दीप जलाना है..
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