कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| केश्यांतिका... अर्थात् केश्याची शोकांतिका...(एक नवविडंबन) | केशवसुमार | 10 | |
| आबांच्या राज्यात... | अजय जोशी | 3 | |
| (गजल) | चतुरंग | 1 | |
| गझल | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | 19 | |
| (कुजबुज) | केशवसुमार | 7 | |
| घोडा आणि ओझे | विसुनाना | 12 | |
| .....बळ दे ! | उदय सप्रे | 1 | |
| (भूक ही खरी किती) | चतुरंग | 4 | |
| (वाटले बरे किती) | केशवसुमार | 13 | |
| एक अशीही केस... | अजय जोशी | 1 | |
| हे क्रांतिकारकांनो! | अजय जोशी | 8 | |
| दंव | उदय सप्रे | 5 | |
| गजरा..... | उदय सप्रे | 2 | |
| हात द्या, मात द्या ... | अजय जोशी | 2 | |
| उरून राहता येतं ! | उदय सप्रे | 6 | |
| प्लॅन्चेट | उदय सप्रे | 4 | |
| मौनखेळ | पल्लवी | 15 | |
| गमतीदार ऊखाणे. | विवेकवि | 4 | |
| कोंढाणा | उदय सप्रे | 24 | |
| स्वप्नातलं गाव ... ! | संदीप चित्रे | 14 |