कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| कोल्हे वाण्याला कोकणी सल्ला | धनंजय | 2 | |
| तिचे अभंग, तिची गाथा | नंदन | 54 | |
| आजही मला ते सर्व आठवतय | धमाल मुलगा | 9 | |
| लहान मुलांना पोटशूळ झाल्यास म्हणायचा मंत्र | धनंजय | 14 | |
| (आपण...) | केशवसुमार | 3 | |
| प्रिया आज माझी.. | सर्वसाक्षी | 13 | |
| संध्याखंत - २ | आजानुकर्ण | 17 | |
| संध्याखंत | नंदन | 19 | |
| व्हॅलेंटाईन्स डे.... | प्राजु | 81 | |
| माझी चिंतनिका | युयुत्सु | 1 | |
| झांज.. | ऋषिकेश | 12 | |
| तू असता तर...! | प्राजु | 5 | |
| सांज.. | प्राजु | 13 | |
| प्रेम | विवेकवि | 1 | |
| भास | गिरीशमित्र | 0 | |
| तीन पत्तीच्या खेळाची | केशवसुमार | 31 | |
| आपलं माणूस | संगीता | 7 | |
| मद्यमैफलीस प्रारंभ करण्यापूर्वी म्हणायचा श्लोक. | अविनाश ओगले | 7 | |
| "मैञीण" | विवेकवि | 14 | |
| सुभाषित | धोंडोपंत | 11 |