कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| मला आवडलेल्या काही अलिकडील कविता | मुक्तसुनीत | 13 | |
| कांगारु | चतुरंग | 20 | |
| स्वर्ग | सृष्टीलावण्या | 10 | |
| अजुन काय हवे ... | विवेकवि | 6 | |
| आठवण....... | विवेकवि | 2 | |
| तुझ्याशिवाय.............. | विवेकवि | 1 | |
| कितीही येऊ दे वादळं वाटेत माझ्या ... | फटू | 6 | |
| मला आलेले एक स्वारस्यपूर्ण अग्रप्रेषित (Forward) | शरुबाबा | 0 | |
| (ताळमेळ) | केशवसुमार | 10 | |
| बॉस आज सुट्टीवरी, त्यात क्रीकेट कॉमेंट्री | प्रा सुरेश खेडकर | 8 | |
| "स्वयेश्री प्रोफेसर पाहती" स्वरचित विडंबन गीत | प्रा सुरेश खेडकर | 12 | |
| राजा भोज याने कालिदासाला दिलेली समस्या | चतुरंग | 21 | |
| चूक१ | केशवसुमार | 2 | |
| माझे अभंग माझी गाथा | केशवसुमार | 25 | |
| "मेड इन चायना'पाठीमागचे रहस्य यात आहे! | मीनल | 6 | |
| जस्सं च्या तस्स राहिल का सारं ? | धमाल मुलगा | 10 | |
| मिसळपाव- एक कुरण.. | प्राजु | 50 | |
| फुवा-बीजिंग मधील २००८ ऑलिंपिकचे मॅस्कॉट | मीनल | 7 | |
| मैत्री असावी ......... | विवेकवि | 1 | |
| कंटाळा..... | विवेकवि | 8 |