कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| कुणी मत देता का मत? | विसोबा खेचर | 15 | |
| विडंबनः चाळीमधल्या खोलीमधली राजा आणिक राणी | अविनाश ओगले | 22 | |
| संथ चालते मालिका ही... | अविनाश ओगले | 8 | |
| चेहर्याभोवती दाढी उमलत आहे ! | केशवसुमार | 6 | |
| अपेक्षा | अनिला | 6 | |
| अंदाज तारखांचा, चुकला जरा असावा | केशवसुमार | 36 | |
| वाच पुस्तके | अविनाश ओगले | 10 | |
| अंदाज बायकोचा वाटे खरा असावा | अविनाश ओगले | 16 | |
| आनंदयात्री.. | प्राजु | 7 | |
| मिस्सळ मी चापतो, तर्रीची, मिस्सळ मी चापतो... | अविनाश ओगले | 17 | |
| "मैफिल" | पेशवे बाजीराव तिसरे | 3 | |
| इलाही जमादार ह्यांची नितांतसुंदर गज़ल! | चतुरंग | 13 | |
| गद्य्-काव्य | वेडा | 0 | |
| श्वासालाही उघाणं आलं. | raje1981 | 0 | |
| भाऊसाहेब पाटणकर यांच्या गझल | पुष्कर | 67 | |
| " निरंतर " | पेशवे बाजीराव तिसरे | 1 | |
| " एकान्त " | पेशवे बाजीराव तिसरे | 1 | |
| " सखी " | पेशवे बाजीराव तिसरे | 5 | |
| (झुलवा) | केशवसुमार | 14 | |
| विरोप | अनिला | 7 |