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चला अंताक्षरी खेळूया....

म — माम्लेदारचा पन्खा, Sun, 09/13/2015 - 12:29
जुनाच पण सदाबहार खेळ !! इच्छुकांनी सहभागी व्हावे...... मेरे मेहबूब कयामत होगी.... आज रुसवा तेरी गलियोमे मोहब्बत होगी... मे री न ज रे तो गि ला क र ती है.... तेरे दिल को भी सनम तुझसे शिकायत होगी.... पुढचे अक्षर "ग"....

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110339 वाचन

💬 प्रतिसाद (457)
ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 12:41 नवीन
गाता रहे मेरा दिल तुही मेरी मंजिल कही बीते ना ये राते कही बीते ना ये दिन गाता रहे मेरा दिल पुढिल अक्षर "ल"
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ज
ज्ञानोबाचे पैजार Sun, 09/13/2015 - 12:57 नवीन
लकडी की काठी काठी पे घोडा घोडे के दुम पर मारा हातोडा दौडा दौडा दौडा घोडा दुम उठा के दौडा पुढिल अक्षर ड पैजारबुवा,
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ह
हेमंत लाटकर Sun, 09/13/2015 - 13:21 नवीन
डमडम डिगा डिगा मौसम भिगा भिगा यै अल्ला सुरत आपकी सुभानअल्ला पुढचे अक्षर ल
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ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 13:23 नवीन
लाल छड़ी मैदान खड़ी क्या खूब लड़ी क्या खूब लडी हम दिल से गए.....हाए हम जा से गए......हाए बस आख लड़ी और बात बढी लाल छड़ी मैदान खडी पुढिल अक्षर "ड"
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प
प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे Sun, 09/13/2015 - 13:31 नवीन
जिसके सपने हमे रोज आते रहे, दिल लुभाते रहे, ये बतादो, बतादो कही तुम वही तो नही. वही तो नही. जिसके रोज रोज हम गीत गाते रहे, गुणगुणाते रहे, ये बतादो बतादो कही तुम वही तो नही, वही तो नही. ह घे भो. -दिलीप बिरुटे
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ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 13:44 नवीन
ही चिटिंग आहे..... ह्यांच्यावर सात राज्य......... ह. घ्या :-)
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↩ प्रतिसाद: प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे
ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 13:47 नवीन
हवा हवा इ हवा खुशबू लुटादे कहा खुली हां खुली जुल्फे बता दे अब उसका पता दे ज़रा हम को बता दे.... मै उससे मिलुंगा एकबार मिला दे यार मिला दे दिलदार मिला दे पुढिल अक्षर "द"
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ब
बोका-ए-आझम Sun, 09/13/2015 - 13:55 नवीन
दिलमे जगाया आपने पहले तो मै शायर था आशिक बनाया आपने! पुढचं अक्षर न
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द
द-बाहुबली Sun, 09/13/2015 - 14:02 नवीन
करता नहि कोइ मुझे सलाम.. लेता नही कोइ.. मेरा नाम... मै हु वो जिरो.. हा हा :D ZERO... दस को मै दस लाख करके दिखादुं.. दस लाख को हां करके दिखादु दिखादु.. मै हुं वो झिरो आ आ आ झीरोव.. बोलोजी हिरो... पुढील अक्षर "फ"
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प
प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे Sun, 09/13/2015 - 14:12 नवीन
फुल तुम्हे भेजा है ख़त में फुल नहीं मेरा दिल है प्रियतम मेरे मुझको लिखना क्या ये तुम्हारे काबील है ह घ्या.
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↩ प्रतिसाद: द-बाहुबली
प
पद्मावति Sun, 09/13/2015 - 14:38 नवीन
हमें तुम से प्यार कितना, ये हम नहीं जानते मगर जी नहीं सकते, तुम्हारे बिना पुढील शब्द---न
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ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 15:47 नवीन
निले निले अंबर पर चांद जब आए प्यार बरसाए हमको तरसाए तो ऐसा कोई साथी हो...... ऐसा कोई प्रेमी हो...... प्यास दिल की बुझा जाए पुढिल अक्षर "ए"
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द
द-बाहुबली Sun, 09/13/2015 - 15:57 नवीन
एक दो तिन चार पाच चे सात आठ नवं दस ग्यारा बारा तेरा तेरा करु दिन गिन गिन के इंतजार आजा सनम आइ बहार. पुढिल अक्षर "र" अवांतरः- माम्लेदार साहेब विद ऑल रिस्पेक्ट प्रश्न आहे नॉल्स्टेल्जीक झालात की नुकतच वयात आलात ? कसयं भेंड्या प्रकार नुसतं बोट जरी स्पर्श झालं तरी प्रचंड गुदुगुल्या होतात अशा वयात फार रोचक असतात नाही तर गेलेला काळ आठवताना आनंद देतात. आपले प्रयोजन कोणते ? वरील सोडून आणखी कोणते कारण असेल तरीही चालेल. जाणून घ्यायला आवडेल.
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म
माम्लेदारचा पन्खा Sun, 09/13/2015 - 17:14 नवीन
म्हणजे काही वय झालं नाहीये हो.....पण जुन्या आठवणी काही वेगळ्याच... बर्‍याच वर्षात मैफिलीचा योग काही आलेला नाही..... जुनी गाणी विशेष प्रिय.... हल्लीची निवडकच... म्हणून इथेच सुरू केली मैफल....!!
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↩ प्रतिसाद: द-बाहुबली
म
माम्लेदारचा पन्खा Sun, 09/13/2015 - 20:25 नवीन
लई झ्याक.....ह्या निमित्ताने पुनः प्रत्ययाचा आनंद मिळतोय...
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↩ प्रतिसाद: माम्लेदारचा पन्खा
ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 16:13 नवीन
रूप तेरा मस्ताना प्यार मेरा दीवाना भूल कोई हमसे ना हो जाए पुढिल अक्षर "ए"
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क
काळा पहाड Sun, 09/13/2015 - 16:17 नवीन
Ring-a-ring o' roses, A pocket full of posies, A-tishoo! A-tishoo! We all fall down. न.
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द
द-बाहुबली Sun, 09/13/2015 - 16:29 नवीन
नो नो, नो नो . नोन्नो, नोन्नो नो नो नो नो..... देर इज नो लिमीट! नो न्नो लिमीट वी रिच फॉर द स्काय नो वॅली टु डिप नो माउंटन टु हाय नोनो लिमीट्स वोन्ट गिवप दफाय्ट वि डु व्हाट वि वांट अनं वि डु इट विद प्राइड पुढील अक्षर न.
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ब
बोका-ए-आझम Sun, 09/13/2015 - 16:35 नवीन
चेहरा ये बदल जायेगा मेरी आवाजही पहचान है गर याद रहे! पुढचं अक्षर ह.
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र
रातराणी Sun, 09/13/2015 - 17:28 नवीन
हम तो है परदेसमे देस मे निकला होगा चाँद, अपनी रातकी छत पर कितना तनहा होगा चाँद
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ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 17:40 नवीन
दिल तो है दिल दिल का ऐतबार क्या चीज है आगया जो किसी पे प्यार क्या किजीए अक्षर "ए"
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र
रातराणी Sun, 09/13/2015 - 17:57 नवीन
ए अजनबी तू भी कभी आवाज दे कहीँसे मैं यहाँ टुकड़ों मे जी रहा हूँ तू कहीं टुकड़ों मे जी रहीं हैं
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ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 18:15 नवीन
वाह!!!!!! हे आपलं फेवरेट सॉंग आहे.
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↩ प्रतिसाद: रातराणी
प
प्यारे१ Sun, 09/13/2015 - 18:18 नवीन
>>>> आपलं आयडी नाव- एक एकटा एकटाच मजा आहे. बाकी हे 'आपलं' पण आवडतं गाणं आहे. ;)
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↩ प्रतिसाद: एक एकटा एकटाच
ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 18:27 नवीन
आत्ताच ज्योती अलवनि ह्यांचा सिझोफ्रेनिया वरची मस्त कथा वाचली त्याच्याच परिणाम झाला वाटते.
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↩ प्रतिसाद: प्यारे१
ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 18:17 नवीन
हमने तुमको देखा तुमने हमको देखा ऐसे...... हम तुम सनम सातों जनम मिलते रहे हो जैसे.....
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र
रातराणी Sun, 09/13/2015 - 18:23 नवीन
साथीया तूने क्या किया बेलीया तूने क्या किया मैने किया तेरा इंतजार इतना करो ना मुझसे प्यार दोनच गडी राहिलेत काय. बाकीची बस झोपली का काय!
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ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 18:29 नवीन
बहुतेक बाकीचे सगळे श्रावण एन्डिग सेलिब्रेट करताहेत ह.घ्या
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↩ प्रतिसाद: रातराणी
ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 18:31 नवीन
रातकली एक ख्वाब में आई और गले का हार हुई सुबह को जब हम निंद से जागे आख उन्ही से चार हुई
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प
प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे Sun, 09/13/2015 - 18:41 नवीन
अंताक्षरी असेल आणि हे रात कली वालं गाणं नसेल ऐसा होई नै सकता. :) -दिलीप बिरुटे
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↩ प्रतिसाद: एक एकटा एकटाच
अ
अभ्या.. Sun, 09/13/2015 - 18:49 नवीन
इक बंजारा ग्गाये जीवनके गीत सुनाये हम सब जीनेवालोको जीनेकी राह बताये
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↩ प्रतिसाद: प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे
र
रातराणी Sun, 09/13/2015 - 18:48 नवीन
इशारो इशारोमे दिल लेनेवाले बता एस हुनर तूने सीखा कहाँसे निगाहों निगाहोँमे जादू चलाना मेरी जान सीखा है तुमने जहाँसे
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ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 18:51 नवीन
समा है सुहाना .....सुहाना नशे में जहा है किसीको किसीकी खबर ही कहा है ज़रा हमको देखो मोहोब्बत जवा है......
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र
रातराणी Sun, 09/13/2015 - 18:56 नवीन
है अपना दिल तो आवारा न जाने किसपे आयेगा आता मी बास. आता उद्या.
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ह
हेमंत लाटकर Sun, 09/13/2015 - 18:58 नवीन
हाल कैसा जनाब का तु तो मचल गये हो हो
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ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 19:00 नवीन
गीत गाता हु मै गुनगुनाता हु मै मैंने हसने का वादा किया था कभी इसलिए अब सदा मुस्कुराता हु मै......
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ब
बोका-ए-आझम Sun, 09/13/2015 - 19:49 नवीन
के देखा है कही मेरे यार सा हसीं चांद ने कहा चांदनी की कसम नही नही नही मैने पूछा चांद से! पुढचं अक्षर स.
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क
काळा पहाड Sun, 09/13/2015 - 20:06 नवीन
सरकाईलो खटिया जाडा लगे सरकाईलो खटिया जाडा लगे सरकाईलो खटिया जाडा लगे जाडे मे बलमा प्यारा लगे सरकाईलो खटिया जाडा लगे सरकाईलो खटिया जाडा लगे ग.
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म
माम्लेदारचा पन्खा Sun, 09/13/2015 - 20:09 नवीन
दिल सुबह - ओ - शाम.... पर तुम्हे लिख नही पाऊ मै उसका नाम....हाये राम....
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ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 20:15 नवीन
मै शायर तो नही मगर ए हसी...... जब से देखा मैंने तुझको मुझको शायरी आ गई
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म
मारवा Sun, 09/13/2015 - 20:21 नवीन
ईचक दाना बीचक दाना दाने ऊपर दाना ईचक दाना छज्जे ऊपर लड़की नाचे लड़का है दीवाना ईचक दाना बोलो क्या? अनार ईचक... छोटी सी छोकरी, लालबाई नाम है पहने वो घाघरा, एक पैसा दाम है मुँह में सबके आग लगाये आता है रुलाना ईचक दाना बोलो क्या? मिर्ची !! हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी राजा जी के बाग़ में दुशाला ओढ़े खड़ी थी कच्चे-पक्के बाल हैं उसके मुखड़ा है सुहाना ईचक दाना... बोलो क्या? बोलो बोलो बुड्ढी !! भुट्टा !! एक जानवर ऐसा जिसके दुम पर पैसा सर पे है ताज भी बादशाह के जैसा बादल देखे छम-छम नाचे अलबेला मस्ताना ईचक दाना बोलो क्या? बोलो ना मोर !! चालें वो चलकर दिल में समाया आ ही गया वो, किया है सफ़ाया तुम भी देखो बचकर रहना चक्कर में न आना ईचक दाना... बोलो क्या? ग़म? हम! पुढे घ्या म
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ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 20:23 नवीन
मस्त
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↩ प्रतिसाद: मारवा
क
काळा पहाड Sun, 09/13/2015 - 20:27 नवीन
मै लड्की पो पो पो तु लडका पो पो पो हम दोनो मिले पो पो पो अब आगे होग क्या कुछ नहि होगा कुछ नही होगा हम दोनो मे बस ये होगा पो पो पा पो पो पा पो पो पा पो पो पा पो पो पा पो पो पा पो पो पा
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ए
एक एकटा एकटाच Sun, 09/13/2015 - 20:32 नवीन
पि पि पि पी पीया जी जी जी जी जिया पीया तूने मेरा जिया ले लिया
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म
मारवा Sun, 09/13/2015 - 20:35 नवीन
गर खुदा मुझ से कहे, कुछ मांग ऐ बन्दे मेरे मैं ये माँगू महफिलों के दौर यूँ चलते रहे हमप्याला, हमनिवाला, हमसफ़र, हमराज हो ता क़यामत जो चिरागों की तरह जलते रहे यारी है ईमान मेरा, यार मेरी जिन्दगी प्यार हो बन्दों से ये सब से बड़ी है बंदगी साज-ए-दिल छेड़ो जहाँ में, प्यार की गूंजे सदा जिन दिलों में प्यार हैं, उन पे बहारें हो फ़िदा प्यार लेके नूर आया, प्यार लेके ताजगी जान भी जाए अगर यारी में यारो ग़म नहीं अपने होते यार हो ग़मग़ीन मतलब हम नहीं हम जहाँ है उस जगह झूमेगी नाचेगी खुशी गुल-ए-गुलज़ार क्यों बेजार नजर आता है चश्म-ए-बद का शिकार यार नजर आता है छूपा ना हमसे ज़रा हाल-ए-दिल सूना दे तू तेरी हँसी की कीमत क्या है, ये बता दे तू कहे तो आसमान से चाँद तारें ले आऊँ हसीन, जवान और दिलकश नज़ारे ले आऊँ तेरा ममनून हूँ तूने निभाया याराना तेरी हँसी है आज सब से बड़ा नजराना यार के हँसते ही, महफ़िल पे जवानी आ गई ह घ्या परत ई
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म
मारवा Sun, 09/13/2015 - 20:38 नवीन
पाच सहा अरे कीती पर्यंत मोजु ?
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म
माम्लेदारचा पन्खा Sun, 09/13/2015 - 20:41 नवीन
जरा बैजवार सांगा की...
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↩ प्रतिसाद: मारवा
ऋ
ऋतुराज चित्रे Sun, 09/13/2015 - 20:52 नवीन
इमलि क बूटा बेरि का पेड इमलि खट्टि मिठे बेर इस जंगल मे हम दो शेर चल घर जल्दी हो गयी देर घ्या र
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प
पद्मावति Sun, 09/13/2015 - 20:58 नवीन
राम करे ऐसा हो जाए मेरी निंदिया तोहे मिल जाए मैं जागूँ, तू सो जाए पुढील अक्षर ए.
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प
प्यारे१ Sun, 09/13/2015 - 21:30 नवीन
ए काय बोलते तू? ए काय मी बोलू ऐक ऐकव . . . . येतीस का खंडाळ्याला . . . . आणखी काय? य
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