कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| ये तू मैदानात : शेतकरी गीत | गंगाधर मुटे | 0 | |
| माझ्या प्रेमाचे मनोगत | सोहम कामत | 19 | |
| अपुले प्रधानमंत्री मोदी | सोहम कामत | 34 | |
| ट्रम्प, ट्रम्प, ट्रम्प.. | अमोल केळकर | 0 | |
| ट्रम्प, ट्रम्प, ट्रम्प.. | अमोल केळकर | 0 | |
| मळमळ | चाणक्य | 12 | |
| कधी वाटते | सोहम कामत | 1 | |
| एक तू | ज्योति अळवणी | 0 | |
| ती.... | Jabberwocky | 4 | |
| शिवरुद्र ढोल ताशा पथकाचे शीर्षक गीत | वेल्लाभट | 25 | |
| !! माझ्या सवता !! | कवि मानव | 0 | |
| प्रेम....? | Bhagyashri satish vasane | 54 | |
| एकमेकांना सोडून जातांना...! | Bhagyashri satish vasane | 3 | |
| वैज्ञानिक दृष्टीकोण | सोहम कामत | 17 | |
| एक स्वप्न होत माझं...! | Bhagyashri satish vasane | 2 | |
| तू आणि मी | Bhagyashri satish vasane | 4 | |
| !! आता !! | कवि मानव | 0 | |
| जरा जपून | Bhagyashri satish vasane | 18 | |
| (शीर्षक सुचले नाही ) - extension | कवि मानव | 2 | |
| (शीर्षक सुचले नाही ) | कवि मानव | 12 |