कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| कोरडा स्वर | प्राजु | 5 | |
| नितंब (विडंबन) | दमामि | 11 | |
| स्वार्थाच्या बाजारी, मैत्री अशी रंगली | विवेकपटाईत | 1 | |
| जुन्या मराठी कविता | विवान | 4 | |
| (तुडुंब) | चतुरंग | 16 | |
| चोरले जाणार नाही 'ते' | भारी समर्थ | 10 | |
| माणुसकी | वेल्लाभट | 15 | |
| अंतरे | परिधी | 2 | |
| गोंधळ | ज्योति अळवणी | 1 | |
| भिकारी | शार्दुल_हातोळकर | 24 | |
| वास्तव | विशाल कुलकर्णी | 19 | |
| !! रात्र जिवलग सखी जाहली !! | कवि मानव | 4 | |
| पहाट धुके | Pradip kale | 7 | |
| अरे पाचशे हजार | मधुका | 6 | |
| कळले नाही | सोहम कामत | 0 | |
| अंकुर | जव्हेरगंज | 3 | |
| जन पळभर म्हणतील 'बाय बाय' ! | लीना कनाटा | 3 | |
| तू फक्त..... | ज्योति अळवणी | 11 | |
| मनाचा एकांत - सरोवरातील नाव | शिव कन्या | 4 | |
| कुण्या गावचा कोण? | अत्रुप्त आत्मा | 30 |