कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| रंगपंचमी | पराग देशमुख | 3 | |
| भेट | चांदणशेला | 0 | |
| अश्वत्थामा | अनन्त्_यात्री | 11 | |
| पाचोळा | फिझा | 2 | |
| कधीतरी..... | पराग देशमुख | 1 | |
| म्हणून हा पाऊस मला आवडत नाही..... | पराग देशमुख | 10 | |
| स्पर्श वेडे | चांदणशेला | 0 | |
| भिजू दे निशा | अनिल इन्गले | 0 | |
| भिजू दे निशा | अनिल इन्गले | 0 | |
| ती सध्या काय करते.... | एक एकटा एकटाच | 10 | |
| शतजन्म शोधिताना..... | पराग देशमुख | 12 | |
| दूर पर्यंत जाईल तो विषय निघाला तर | श्रीकृष्ण सामंत | 2 | |
| ती एक वेडी | निओ | 1 | |
| आई | ज्योति अळवणी | 1 | |
| स्वतःला ओळखायचं असत! | ज्योति अळवणी | 1 | |
| जखमात यौवनाच्या | शार्दुल_हातोळकर | 19 | |
| अव्यक्त भावना ही, शब्दांविनाच बोले | खग्या | 7 | |
| बाप फितूर झाला......... | किरण कुमार | 12 | |
| वडील | वृंदा१ | 1 | |
| (कुणाच्या फांदीवर कुणाची आर्ची) | स्वामी संकेतानंद | 11 |