कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| Naate | Savnil | 1 | |
| वडील | वृंदा१ | 0 | |
| स्मरणातल्या बाप्पा | वृंदा१ | 1 | |
| नोटबंदीचे अभंग | भारी समर्थ | 11 | |
| शोर | अबोली२१५ | 2 | |
| 'बघणं' राहूनच गेलं | चित्रगुप्त | 15 | |
| (नाक गळतंय माझं..) | खेडूत | 6 | |
| वडील | वृंदा१ | 5 | |
| अंतरंग | अमिता राउत | 2 | |
| (मुलिंनी धरु नये अबोला) | ज्ञानोबाचे पैजार | 30 | |
| घर गळतंय माझं..... | अबोली२१५ | 12 | |
| अमिट लक्ष्मणरेखा | विवेकपटाईत | 0 | |
| मुळांनी धरू नये अबोला | चांदणे संदीप | 16 | |
| (आम्हां न कळे नज़्म) | स्वामी संकेतानंद | 6 | |
| काय तुझे होणार... मानवा | कवि मानव | 0 | |
| (बंदीपायी जीवा लागलीसे वाट) | स्वामी संकेतानंद | 13 | |
| रस - रस - रसायन | हर_हुन्नरी | 2 | |
| सय संद्याकाय | ऊध्दव गावंडे | 11 | |
| सय संद्याकाय | ऊध्दव गावंडे | 0 | |
| (कोरडी भाकर) | ज्ञानोबाचे पैजार | 12 |