कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| शिकार (गझल) | शार्दुल_हातोळकर | 16 | |
| (जिलेबी कथा - लिहायचे नियम) | चांदणे संदीप | 16 | |
| यार | पालीचा खंडोबा १ | 21 | |
| आतातरी............ | एक एकटा एकटाच | 15 | |
| अस्थी | अत्रुप्त आत्मा | 37 | |
| क्षणो क्षणी | विश्वव्यापी | 4 | |
| पुन्हा मुकाट पेरतोच स्वप्न अंगणात मी | विशाल कुलकर्णी | 20 | |
| गिलोटिन | पालीचा खंडोबा १ | 8 | |
| "चक्रव्यूह" | भानिम | 2 | |
| दाहीरची यमदिक्षा | पालीचा खंडोबा १ | 40 | |
| कॅलरी | दमामि | 10 | |
| चाललो मी आता टॅम्पोत बसुनी | जव्हेरगंज | 4 | |
| स्वप्न सुंदर | माहीराज | 4 | |
| देव म्हणावे कोणाला ? | मयुरMK | 17 | |
| आला आला जिलबीवाला | स्वामी संकेतानंद | 16 | |
| आला आला जिलबीवाला | स्वामी संकेतानंद | 0 | |
| आला आला जिलबीवाला | स्वामी संकेतानंद | 0 | |
| आला आला जिलबीवाला | स्वामी संकेतानंद | 0 | |
| आला आला जिलबीवाला | स्वामी संकेतानंद | 0 | |
| आला आला जिलबीवाला | स्वामी संकेतानंद | 0 |