कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| माझी शायरी | एस.योगी | 2 | |
| एक पहाट गावाकडची ……… | एकप्रवासी | 5 | |
| आई......... | एकप्रवासी | 7 | |
| रक्त पिपासू | अरुण मनोहर | 4 | |
| द गडू शेट द गडू शेट ......:) | दमामि | 34 | |
| बालपण | एकप्रवासी | 0 | |
| माळी पुनेव | ऊध्दव गावंडे | 26 | |
| पाण्याचे जगने | आनंद कांबीकर | 2 | |
| नागाला दुध पाजण्याची आहे आपली रिती | विवेकपटाईत | 28 | |
| जिंदगी ना मिलेगी दोबारा - जावेद अख्तर भावानुवाद | अजब | 7 | |
| मिमीक्री करुनी भाषण देतो कुणी | बाजीगर | 4 | |
| तू कुणाचा... | आनंदमयी | 7 | |
| मिटण्याचा हव्यास (विडंबन) | दमामि | 112 | |
| चापण्याचा हव्यास | अरुण मनोहर | 11 | |
| नात्याला अर्थ पुरेसा..... | चुकलामाकला | 7 | |
| तुझ्या आठवणीत. .. | माहीराज | 1 | |
| “रावणदहनाच्या” हार्दिक शुभेच्छा...! | गंगाधर मुटे | 10 | |
| तिची एक आठवण....... | एक एकटा एकटाच | 26 | |
| श्रद्धाळु | आनंद कांबीकर | 2 | |
| शब्दात नाही गुंतायचं! | ज्योति अळवणी | 3 |