कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| कुणाच्यापुढे कोण झुकले बघा रे | वेल्लाभट | 31 | |
| मायें... | आनंद कांबीकर | 8 | |
| चालत राहू...... | शिव कन्या | 21 | |
| चकती वाचे | निनाद | 17 | |
| <<< आवडून घेतलेलं काही... >>> | प्यारे१ | 18 | |
| माझा गांव.. | आनंद कांबीकर | 8 | |
| तेव्हा तू कुठं होता? | नगरीनिरंजन | 12 | |
| पटली तर पळवा | पाटीलअमित | 7 | |
| मळली तर वाळवा | पगला गजोधर | 8 | |
| मी असा त्या बासरीचा सूर होतो | बाजीगर | 3 | |
| ग़म इक चिठ्ठी जिसमें ख़ुशियों का सन्देश | बाजीगर | 2 | |
| धागा वाढेना ,धागा चालेना | पाटीलअमित | 102 | |
| शब्द | नीलमोहर | 3 | |
| ( बाराची बिअर ) | पगला गजोधर | 12 | |
| सहाचा वडा | दमामि | 22 | |
| चारचा चहा | शिव कन्या | 21 | |
| ती | शीतल जोशी | 4 | |
| (माझी) जाssssssssssssssssssड बाईल | दमामि | 17 | |
| भुकेल वासरू | माहीराज | 16 | |
| कळली तर कळवा | गंगाधर मुटे | 5 |