कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| बाप्पाचा निरोप घेताना.... | सुमित_सौन्देकर | 0 | |
| तिला काट्यात घर सापडले | सिध्दार्थ | 2 | |
| नका घेऊ गळफास | गंगाधर मुटे | 5 | |
| ।।गंगास्मरण।। ( अर्थात राम तेरी गंगा मैली) | दमामि | 54 | |
| प्रीत धुंदी | ज्योति अळवणी | 10 | |
| ll गंगास्मरण ll | शिव कन्या | 38 | |
| एक गोष्ट........ | एक एकटा एकटाच | 7 | |
| <विखुरलेला चखणा> | जव्हेरगंज | 16 | |
| एक होती रातराणी | रातराणी | 22 | |
| विखुरलेलं चांदणं | रातराणी | 20 | |
| नेता | विवेकपटाईत | 7 | |
| तुकारामा- | शशीभूषण_देशपाण्डे | 5 | |
| राधा कृष्ण....... जर... | शशीभूषण_देशपाण्डे | 11 | |
| || सांगा आता आम्ही काय करायचं? || | नितिन५८८ | 3 | |
| पापड कर वा पोळ्या लाट (विडंबन) | दमामि | 17 | |
| ..पापड कर वा पोळ्या लाट.. | कानडाऊ योगेशु | 7 | |
| चुलीमध्ये घाल | गंगाधर मुटे | 9 | |
| अंबाडा | चांदणे संदीप | 45 | |
| राधा कृष्ण | शशीभूषण_देशपाण्डे | 3 | |
| बैसलो होतो पानटपरीवर | भैड्या | 12 |