कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| ध्येय! | राघव | 9 | |
| (गलका!) | केशवसुमार | 5 | |
| (धोतरत्र्य ) | विजुभाऊ | 2 | |
| (कट्ट्यानंतरचे कवित्व) | पिवळा डांबिस | 30 | |
| चारित्र्य | शरदिनी | 21 | |
| झोपडपट्टी? | ऋषिकेश | 18 | |
| एक उसासा..... | JAGOMOHANPYARE | 3 | |
| अजुन एक विडंबन | फ्रॅक्चर बंड्या | 2 | |
| उसाश्यांचे भान | विजुभाऊ | 6 | |
| अजूनही... अजूनही... | कौतुक शिरोडकर | 1 | |
| (अजून आणखी एक ईडंबन केलं आहे.) | श्रीकृष्ण सामंत | 25 | |
| ( अजून एक विडंबन केलं आहे) | बामनाचं पोर | 0 | |
| ताई | बेसनलाडू | 8 | |
| (विडंबन केलं आहे) | बेसनलाडू | 5 | |
| श्रावणातला पाऊस | क्रान्ति | 4 | |
| (कविता हवी आहे) | ऋषिकेश | 11 | |
| त्सुनामी | विशाल कुलकर्णी | 2 | |
| विडंबन हव आहे | राधा१ | 13 | |
| ए आई, सांग ना, कधी येइल बाबा घरा? | विशाल कुलकर्णी | 9 | |
| आज मला असे का भासले? | श्रीकृष्ण सामंत | 2 |