कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| मैत्र: जून, जुलै आणि पावसाचे... | निमिष सोनार | 0 | |
| प्रणयाचा प्याला...!!! | निमिष सोनार | 1 | |
| शंखतीर्थ!! | प्राजु | 13 | |
| "माय" | विशाल कुलकर्णी | 9 | |
| माझं काय चुकलं...? | विशाल कुलकर्णी | 9 | |
| परब्रह्म | क्रान्ति | 14 | |
| वांड्गनिश्चय | जागु | 2 | |
| बाकी आहे..... | उदय सप्रे | 5 | |
| कावळा आणि चिमणी | अनामिक | 13 | |
| पाहायचं आहे | जागु | 9 | |
| विरह | अरुण वडुलेकर | 1 | |
| वर्णन (तमाशातले सवाल जबाब): पुन्हा लेखन | पाषाणभेद | 0 | |
| झाले गेले विसरुनी जाऊन | पाषाणभेद | 3 | |
| मनात वसलेला गुलमोहर | क्रान्ति | 16 | |
| || शिवराज्याभिषेक || | मनीषा | 8 | |
| "दिलाचा दिलवर भेटला..." | शरदिनी | 31 | |
| टाहो | अरुण वडुलेकर | 6 | |
| कसं सांगू ....? | अरुण वडुलेकर | 3 | |
| काव्य | दत्ता काळे | 9 | |
| चारोळ्या | स्वप्निल मन | 4 |