कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| पत्रांमधुनी | क्रान्ति | 12 | |
| कळावे लोभ असावा.. | अरुण वडुलेकर | 8 | |
| एका लग्न समारंभाची सफर (भाग ४ अंतिम) | जागु | 15 | |
| क्रांती..... | चन्द्रशेखर गोखले | 6 | |
| मुंबईचा पावणा | शरदिनी | 40 | |
| आली पन्नाशी! | बहुगुणी | 21 | |
| <यज्ञधुनी> | पिवळा डांबिस | 14 | |
| चार चारोळ्या | स्वप्नयोगी | 2 | |
| आज अचानक सर्व्हर गंडे | लिखाळ | 9 | |
| वाट चुकलेलें कोंकरूं | अरुण वडुलेकर | 11 | |
| अवगुंठन | जयवी | 12 | |
| लाज | ऋषिकेश | 17 | |
| स्वातंत्र्यवीर | विशाल कुलकर्णी | 5 | |
| पण म्हणुन काय झालं.....? | विशाल कुलकर्णी | 9 | |
| धूतवस्त्रांकिता | शरदिनी | 20 | |
| आजी ! | अ-मोल | 12 | |
| थांबुनी येथे जराशी | घाशीराम कोतवाल १.२ | 1 | |
| सुख | विशाल कुलकर्णी | 1 | |
| रात्र | विशाल कुलकर्णी | 3 | |
| ((चंपी)) | विजुभाऊ | 2 |