कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| मन माझं..!! | प्राजु | 26 | |
| एकाकी | स्वप्नयोगी | 10 | |
| उरलेला गतकाल | जागु | 14 | |
| प्रतिसाद | विजुभाऊ | 13 | |
| कुठवर पाहू तुझी मी वाट | पाषाणभेद | 5 | |
| उशीर..... | उदय सप्रे | 2 | |
| मी कुठवर पाहू वाट ? | उदय सप्रे | 2 | |
| माय......... | उमेश__ | 8 | |
| आई | मराठमोळा | 11 | |
| आठवण | स्वप्नयोगी | 2 | |
| वर्णन | पाषाणभेद | 8 | |
| (जुलाब) | पाषाणभेद | 2 | |
| गुलाब | स्वप्नयोगी | 10 | |
| मी...... | उमेश__ | 1 | |
| मृत्युंजय | परिकथेतील राजकुमार | 7 | |
| (झांज वाजवली) | कपिल काळे | 18 | |
| II बुद्ध वंदना II | चन्द्रशेखर गोखले | 5 | |
| अस्तित्व | स्वप्नयोगी | 4 | |
| सांज स्वीकारली | क्रान्ति | 25 | |
| (एका वृद्धाचे मनोगत) | चतुरंग | 8 |