कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| एका डॉक्टरच्या कविता-१: ड्यूटी | डॉ अशोक कुलकर्णी | 10 | |
| (शापीत मेघ ) ... | गणेशा | 7 | |
| (शापीत मेघ) | अडगळ | 17 | |
| झाडांच्या पानात | गणेशा | 1 | |
| पण बोलणार नाही... | नगरीनिरंजन | 6 | |
| (कापित केक) | ३_१४ विक्षिप्त अदिती | 29 | |
| भरमाध्यान्हीच्या सान्ताक्लॉजचे प्रियाराधन | शरदिनी | 39 | |
| शापीत मेघ | गणेशा | 6 | |
| माझा नवरा पैसं खातो | पाषाणभेद | 9 | |
| प्रेम..जगावेगळे... | अथांग | 7 | |
| लग्नगीतः पतीची ग वाट पाही, मंडपी सजली नवरी | पाषाणभेद | 0 | |
| काम करी दाम येड्या | केशवसुमार | 19 | |
| कशी दिसते दिसते लाडाची लाडी तुमची | पाषाणभेद | 3 | |
| कुत्र्याचे शेपूट ... | मनीषा | 8 | |
| गंधवार्ता | गंगाधर मुटे | 14 | |
| मैत्रि (एक खोडकर ओलावा) | कल्पेश इसई | 10 | |
| विभन्ग | कल्पेश इसई | 2 | |
| फुलपाखरु | सद्दाम हुसैन | 6 | |
| माझी शब्दरचना | कल्पेश इसई | 2 | |
| पुन्हा क्रांती | चन्द्रशेखर गोखले | 7 |