कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| फार पडझड झालीय ह्या शरीराची !! | प्रकाश१११ | 2 | |
| म्हातारपणीची प्रार्थना | अरुंधती | 20 | |
| बनवा झटपट कविता (समस्यापुर्ती) | अरुण मनोहर | 7 | |
| ..दाढी आणि खाज.. | कानडाऊ योगेशु | 2 | |
| मी पुरुष बिच्चारा | गणेशा | 7 | |
| काढला संग्रह कवितांचा - | विदेश | 4 | |
| भस्म्या | अरुण मनोहर | 3 | |
| नाग !! | प्रकाश१११ | 1 | |
| आई !!! | प्रकाश१११ | 4 | |
| हलक्या फुलक्या पिसासारखे फुलपाखरू !! | प्रकाश१११ | 1 | |
| विसर- भुकेचा | अरुण मनोहर | 2 | |
| आई.. मिटलेला श्वास - ७ | गणेशा | 2 | |
| मठ्ठपणाचा भाव असणारी दुपार !! | प्रकाश१११ | 4 | |
| पाउस असा बघावा .....!!! | प्रकाश१११ | 1 | |
| न-निशाण | तिमा | 2 | |
| शब्द्-छल | अरुण मनोहर | 2 | |
| (भांडणं..तिचं) | बेसनलाडू | 3 | |
| चांदणं... तुझं | जयवी | 7 | |
| (((निशाण))) | अवलिया | 12 | |
| ..मी गरुडभरारी घेता... | कानडाऊ योगेशु | 9 |