कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| एक बायको करावी म्हणतोय | गणेशा | 16 | |
| गच्च मिठी शहारलेली | गणेशा | 7 | |
| कवितेचे झाड !! | प्रकाश१११ | 3 | |
| हळूच द्या मज झोका कान्हा | पाषाणभेद | 4 | |
| एक आठवण | संजयशिवाजीरावगडगे | 4 | |
| प्रेम | संजयशिवाजीरावगडगे | 3 | |
| भिजल्या डोळ्यासही ना काही वाटले | गणेशा | 5 | |
| आदाब अर्ज है ! | अश्फाक | 8 | |
| आम्ही काय म्हणूं धार्मीक | पाषाणभेद | 1 | |
| तार मनाचे दे झंकारून | गंगाधर मुटे | 1 | |
| पानगळ सुरु झाली आहे !! | प्रकाश१११ | 3 | |
| आसवे तो हुंदका टाळुन गेली.............. | मयुरेश साने | 3 | |
| युगलगीत : आलीया थंडी, साधूया संधी, चल पेटवू शेकोटी | पाषाणभेद | 5 | |
| काही नाती ....... | संजयशिवाजीरावगडगे | 1 | |
| आंब्याची चव चाखून बघा | पाषाणभेद | 4 | |
| माणुसकीचा झरा ..!! | प्रकाश१११ | 0 | |
| आई .. मिटलेला श्वास.. १२ | गणेशा | 1 | |
| ६: पाउलखुणा | गणेशा | 1 | |
| जा रे कान्हा नटखट : गौळण (नाट्यगीत) | गंगाधर मुटे | 3 | |
| कुणा कुणाचा आदर्श डोळ्यासमोर ठेवायचा ?? | प्रकाश१११ | 1 |